एक मंत्री के काफिले में कितनी होती हैं गाड़ियां और कौन उठाता है खर्च? CM सम्राट के कारकेड में सिर्फ 4 गाड़ियां

Published by : Preeti Dayal Updated At : 14 May 2026 11:26 AM

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सीएम सम्राट चौधरी और मंत्रियों के काफिले की तस्वीर

Bihar Government: पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद सीएम सम्राट चौधरी ने बिहार के नेताओं से गाड़ियों का कम इस्तेमाल करने की अपील की थी. इतना ही नहीं, सीएम ने खुद के कारकेड में गाड़ियों की संख्या कम करने का निर्णय लिया था. ऐसे में एक मंत्री के काफिले में कितनी गाड़ियां होती हैं और उसका खर्च कौन उठाते हैं, आइए जानते हैं.

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Bihar Government: पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर अमल करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न केवल अपनी कारकेड में शामिल गाड़ियों की संख्या कम कर दी है, बल्कि सरकार के दूसरे मंत्रियों ने भी इस पर अमल शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री के काफिले में अब सिर्फ तीन से चार गाड़ियां ही रहेंगी. इनमें दो गाड़ियां सुरक्षा कर्मियों की होंगी. बुधवार की शाम को जब उनका काफिला निकला तो उसमें केवल चार गाड़ियां ही शामिल रहीं.

एक मंत्री के काफिले में कितनी होती हैं गाड़ियां?

जानकारी के मुताबिक, मंत्री और अधिकारी को गाड़ियों की सुविधा उनके विभाग की ओर से दी जाती है. यह उनके जरुरत के मुताबिक फाइनल किया जाता है. विभाग के मंत्री, सुरक्षा कर्मी के साथ स्कॉट के लिए उनके जरुरत के हिसाब से ही गाड़ी अलॉट की जाती है. इसके अलावा विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और कुछ गाड़ी मंत्री कोषांग में अलग से रिजर्व होती है.

कुल मिलाकर देखा जाए तो, किसी भी मंत्री के काफिले में कितनी गाड़ियां होंगी, यह कंफर्म नहीं है. इसका कोई फिक्स आंकड़ा तय नहीं किया गया है. यह उन्हें दी गई सुरक्षा के अनुसार तय होती है. लेकिन एवरेज 5 गाड़ियां एक मंत्री के काफिले में होती हैं. कई मंत्री इससे कम गाड़ियां भी इस्तेमाल करते हैं.

मंत्री के काफिले की गाड़ियों का कौन उठाता है खर्च?

जानकारी के मुताबिक, मंत्री या फिर विभाग के अधिकारी की ओर से यूज किए जा रहे गाड़ियों का खर्च संबंधित विभाग या फिर राज्य सरकार उठाती है. इसमें पेट्रोल-डीजल, सुरक्षा, मेंटेनेंस के अलावा ड्राइवर का खर्च भी शामिल होता है.

शनिवार-रविवार को कम करेंगे उपयोग

जानकारी के मुताबिक, शनिवार और रविवार को मंत्री और अधिकारी कम से कम गाड़ियों का उपयोग करेंगे. साथ ही स्कॉट की संख्या में कमी की जाएगी. परिवहन और पीएचईडी विभाग सहित अन्य विभागों में इसकी तैयारी शुरू हो गई है. जल्द ही इसको लेकर दिशा-निर्देश भी जारी होगा. छुट्टी के दिनों में ऑफिस आना हो, तो एक गाड़ी में बाकी लोग आ सकें, इसको लेकर भी तैयारी चल रही है.

बिहार के मंत्रियों की तैयारी

  • डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के काफिले में पहले से ही गाड़ियों की संख्या कम रहती है. पटना में अब वे एक ही गाड़ी पर निकलेंगे. जेड सुरक्षा में होने से एक स्कॉर्ट उनके काफिले में होगा.
  • डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव ने कहा कि वह एक ही गाड़ी से निकलते हैं. सुरक्षा की एक से दो गाड़ियां होती है. अब वह भी कम होगी.
  • राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि पहले पटना से बाहर जाने के लिए वे दो गाड़ियों का ही उपयोग करेंगे. पटना स्थित सचिवालय आने-जाने के लिए दो से चार मंत्री एक गाड़ी का उपयोग करेंगे.
  • मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री मदनी सहनी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान एक-एक गाड़ी पर बुधवार को कैबिनेट बैठक में भाग लेने मुख्य सचिवालय पहुंचे.
  • मंत्री मदन सहनी ने कहा है कि हम एक ही गाड़ी से घूमेंगे. हमारे आगे या पीछे कोई स्कॉट नहीं होगा. मंत्री ने कहा कि हम विभाग में गाड़ियों की संख्या कम करने को लेकर बैठक करके निर्णय करेंगे.

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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