दोपहर तक बंद रहते हैं कार्यालय, दूर-दराज से आये ग्रामीण लौटने को मजबूर

प्रखंड अंतर्गत लगभग 20 से 30 किलोमीटर की दूरी तय कर व भाड़ा खर्च कर लोग अपने कार्य से कार्यालय पहुंचते हैं
सीडीपीओ व कृषि कार्यालय में 12:20 बजे तक मिला ताला लगा अधौरा. प्रखंड अंतर्गत लगभग 20 से 30 किलोमीटर की दूरी तय कर व भाड़ा खर्च कर लोग अपने कार्य से कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते कई बार कार्यालय में 12 से 1 बजे तक भी ताला लटका मिलता है. गुरुवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. दूर-दराज के गांवों से कई ग्रामीण बाल विकास परियोजना कार्यालय व कृषि कार्यालय में अपने कार्य से दोपहर में पहुंचे, लेकिन मेन गेट पर ताला लटका मिला. ग्रामीणों ने घंटों इंतजार किया, इसके बावजूद न तो कोई अधिकारी नजर आये, न ही कार्यालय का ताला खुला और न ही कोई कर्मी दिखाई दिया. बताया जाता है कि अधौरा प्रखंड में बाल विकास परियोजना कार्यालय व प्रखंड कृषि कार्यालय दोनों एक ही भवन में संचालित होते हैं, जहां इस तरह की घटनाएं रोज देखने को मिलती हैं. किसी न किसी विभाग का कर्मी अक्सर गायब ही रहता है. यही स्थिति प्रखंड आपूर्ति कार्यालय की भी है, जो सप्ताह में मात्र दो दिन ही खुलता है. हालात ऐसे हैं कि विभाग के कर्मियों को लोग पहचानते तक नहीं हैं. इधर, इस संबंध में जानकारी लेने के लिए बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सुरेंद्र मोहन गिलानी के सरकारी नंबर पर कई बार कॉल किया गया, लेकिन एक बार भी फोन नहीं उठाया गया. वहीं, प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रियंका भारती से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उनके स्टाफ क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं.
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