फुटपाथ पर अवैध कब्जा, सड़क पर पैदल चलना मजबूरी

Updated at : 08 Jul 2024 8:59 PM (IST)
विज्ञापन
फुटपाथ पर अवैध कब्जा, सड़क पर पैदल चलना मजबूरी

एसपी ललित मोहन शर्मा द्वारा हाल फिलहाल भभुआ और मोहनिया शहर में व्यवस्थित तरीके से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती कर दिये जाने से शहरों के यातायात कुछ हद तक सुधरने लगे थे.

विज्ञापन

भभुआ सदर. एसपी ललित मोहन शर्मा द्वारा हाल फिलहाल भभुआ और मोहनिया शहर में व्यवस्थित तरीके से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती कर दिये जाने से शहरों के यातायात कुछ हद तक सुधरने लगे थे. लेकिन, नप द्वारा प्रतिदिन अतिक्रमण हटाये जाने की खानापूर्ति के चलते प्रमुख सड़कों के अलावा लोगों को पैदल चलने के लिए बनाये गये फुटपाथ पर भी कब्जा होने लगा है. कार्रवाई के बावजूद फुटपाथों पर अभी भी दुकानदारों की दुकानें बेखौफ सज रही हैं, जिससे अब फुटपाथ गायब होने के कारण लोगों को सड़क पर चलना मजबूरी बन चुकी है. लेकिन, इस कुव्यवस्था से वाकिफ नगर पर्षद की ओर से निजात दिलाने की पुख्ता पहल नहीं हो पा रही है. उदाहरण के तौर पर शहर के एकता चौक से कचहरी रोड होते सुवरन नदी तक मुख्य नाले के ऊपर फुटपाथ का निर्माण कराया गया है. ताकि, लोग पैदल भी आसानी से आवाजाही कर सकें, लेकिन इस पर दुकानदारों का कब्जा हो गया है. यही आलम सब्जी मंडी रोड में बनाये गये फुटपाथ का भी है. वहीं, शहर के पटेल और जेपी चौक के दोनों किनारों पर दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किये जाने के कारण आधी सड़क अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुकी है. यही स्थिति पश्चिम बाजार, सदर अस्पताल के बाहर, देवी जी रोड, महावीर मंदिर रोड आदि की भी है. दोपहर तक इन सड़कों पर वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है, लेकिन इस दिशा में नप स्तर पर सख्ती नहीं बरते जाने के कारण प्रतिदिन समस्या बढ़ती जा रही है. = कार्रवाई के बावजूद समस्या रह जाती है बरकरार हालांकि, नगर पर्षद या पुलिस द्वारा समय समय पर अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों पर सख्ती बरतने की कोशिश तो जरूर की जाती है. लेकिन, 24 से 48 घंटे बीतते बीतते यह कार्रवाई भी बेअसर साबित हो जाती है. शहर के लोग कहते भी है कि जिला बनने के 32 वर्ष से भी अधिक समय से जिला और नगर प्रशासन की ओर से शहर के जाम व अतिक्रमण की समस्या को लेकर बैठक और निर्णय लेने में कोई कमी नहीं हुई है. लेकिन, इसका अनुपालन आज तक नहीं हो पाया है और शहर की एक बड़ी आबादी जिसमें पुरुषों के अलावा महिलाएं और बच्चे भी हैं, वे सभी आज भी इस समस्या को लेकर भारी परेशानी से जूझ रही हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन