आंधी-तूफान से दो दिनों से ठप बिजली, कैमूर में पानी के लिए तरस रहे लाखों लोग

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जरनेटर से पानी भरवाते लोग-फोटो

जिले के रामपुर प्रखंड में बुधवार रात आए तेज आंधी-तूफान ने बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा दी है. पिछले दो दिनों से रामपुर और भगवानपुर प्रखंड की करीब ढाई लाख आबादी बिजली संकट से जूझ रही है.

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Kaimur News: (रामपुर से राजू कुमार) जिले के रामपुर प्रखंड में बुधवार रात आए तेज आंधी-तूफान ने बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा दी है. पिछले दो दिनों से रामपुर और भगवानपुर प्रखंड की करीब ढाई लाख आबादी बिजली संकट से जूझ रही है. बिजली नहीं रहने के कारण पेयजल संकट गहरा गया है और लोगों के बीच हाहाकार मचा हुआ है.

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सिंटेक्स टंकी भरवाने को मजबूर लोग

शुक्रवार को दोनों प्रखंडों में जगह-जगह ट्रैक्टर और पिकअप पर जनरेटर रखकर पानी सप्लाई की जा रही थी. लोग ढाई सौ से तीन सौ रुपये खर्च कर सिंटेक्स टंकी भरवाने को मजबूर दिखे. पसाई गांव के जितेश कुमार, विकास साह,छट्ठू कुमार तथा अकोढ़ी गांव के गोपाल दुबे, अभय दुबे, सालू सिंह समेत बेलाव, खजुरा, कुर्था, बिछिया, सबार, अमांव, थिलोई, कूड़ारी और तेनुआ सहित दर्जनों गांवों के लोगों ने बताया कि मजबूरी में पैसे देकर पानी भरवाना पड़ रहा है, क्योंकि पूरा इलाका बिजली पर निर्भर है.

समरसेबल बंद होने से हालत बिगड़े

भीषण गर्मी और लू के बीच समरसेबल बंद होने से हालत और खराब हो गए हैं. कई गांवों में लोग पीने के पानी के लिए भटकते नजर आए. पहाड़ी तलहटी वाले गांवों में पहले से जल संकट था, अब बिजली बाधित होने से स्थिति और गंभीर हो गई है. भू-जल स्तर नीचे चले जाने के कारण कई चापाकल और बोरिंग भी जवाब देने लगे हैं.

25 हजार आबादी परेशान

बिजली नहीं रहने से मोबाइल फोन डिस्चार्ज हो गए हैं, जिससे लोगों का संपर्क टूट रहा है. छात्रों की पढ़ाई और दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हुआ है. खजुरा पावर हाउस और करमचट पावर हाउस से जुड़े पांच फीडरों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है. इससे रामपुर प्रखंड की करीब एक लाख 25 हजार आबादी अंधेरे और भीषण गर्मी में परेशान है.

आंधी तूफान से क्षतिग्रस्त हुए 33 केवी लाइन के 80 पिन इंसुलेटर

कनीय विद्युत अभियंता परमेश्वर कुमार ने बताया कि आंधी-तूफान के कारण 33 केवी लाइन के 80 पिन इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. कई जगह तार टूट गए हैं तथा 100 से अधिक बिजली पोल गिर गए हैं. करीब 50 से 60 स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हुई है. विभाग की ओर से तीन दर्जन मानव बल लगाकर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है.

कनीय विद्युत अभियंता का बयान

उन्होंने बताया कि सबार फीडर की 50 प्रतिशत तथा करमचट फीडर की 90 प्रतिशत बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है. वहीं खजुरा पावर हाउस की 33 केवी लाइन अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिसे शाम तक बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है. इसके बाद सभी फीडरों की जांच कर बिजली सप्लाई शुरू की जाएगी. विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो सकती है.

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