कैमूर: एक साल पहले लिया कनेक्शन, अब तक नहीं लगे पोल, बांस के सहारे खेतों तक पहुंच रही बिजली

बांस के सहारे खेतों तक गयी बिजली
कैमूर जिले के कुदरा में किसान जान जोखिम में डालकर बांस के सहारे नग्न बिजली तारों से खेतों की सिंचाई कर रहे हैं. कृषि कनेक्शन लिए एक साल बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग ने पोल नहीं लगाए हैं. बारिश और तेज हवा में यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है.
Kaimur News : कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र के पटखौलिया गांव में किसान आज भी सिंचाई के लिए बांस-बल्ले के सहारे 240 वोल्ट के नग्न बिजली तार को खेतों तक ले जाने को मजबूर हैं. बिजली विभाग की ओर से पोल नहीं लगाए जाने के कारण किसान जान जोखिम में डालकर मोटर चलाकर खेतों की सिंचाई कर रहे हैं.
एक साल बाद भी नहीं लगाए गए बिजली पोल
गांव के आधा दर्जन से अधिक किसानों ने करीब एक वर्ष पहले कृषि सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन का एग्रीमेंट कराया था. इसके बावजूद विभाग की ओर से अब तक खेतों तक बिजली पहुंचाने के लिए पोल नहीं लगाए गए. मजबूरी में किसान बांस के सहारे बिजली के तार खींचकर पंपिंग सेट चला रहे हैं.
बारिश और तेज हवा में बढ़ जाता है खतरा
किसानों का कहना है कि वर्षा के मौसम में तेज हवा और आंधी के दौरान बांस हिलते-डुलते रहते हैं. ऐसे में बिजली का तार टूटकर गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. उन्होंने बताया कि पिछले महीने इसी कारण खेतों में आग लगने की घटना भी हो चुकी है. इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
आवेदन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
पटखौलिया गांव के किसानों ने बिजली विभाग को आवेदन देकर शीघ्र सीमेंट के पोल और स्थायी बिजली लाइन लगाने की मांग की है, ताकि सुरक्षित तरीके से खेतों की सिंचाई की जा सके. किसानों का आरोप है कि आवेदन देने के कई महीने बाद भी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की.
सूखे के बीच बिजली पर बढ़ी निर्भरता
क्षेत्र में अनावृष्टि के कारण सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है. ऐसे में किसान सिंचाई के लिए पूरी तरह बिजली पर निर्भर हैं. बिजली की अनियमित आपूर्ति और अस्थायी व्यवस्था के कारण खेती भी प्रभावित हो रही है. बिजली उपभोक्ता बिनय शंकर पाठक, दीनानाथ पाठक, संतोष पाठक, नंद किशोर पाठक तथा वार्ड पार्षद अवधेश राम ने विभाग से जल्द बिजली पोल लगाकर किसानों को सुरक्षित सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है.
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