Bihar Land Survey: खतियान की समस्या ने बढ़ायी किसानों की मुश्किलें, व्यवस्था ठीक नहीं रहने से नाराजगी

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 20 Sep 2024 4:57 PM

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Bihar Land Survey: किसानों ने बताया कि सर्वे करना सरकार की अच्छी पहल है. लेकिन, इसके लिए सरकार को पहले तैयारी करनी चाहिए थी. बगैर किसी तैयारी के सर्वे करने की घोषणा कर दी गयी और सर्वे का कार्य जैसे ही प्रारंभ हुआ, किसानों को कागजात इकट्ठा करने में भी काफी परेशानी हो रही है.

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भभुआ शहर. बिहार सरकार ने जमीन का सर्वे करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों की सीथिलता के कारण यह प्रक्रिया आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है. हालात यह है कि सुदूर गांव से लोग हर रोज सर्वे व लेखागार कार्यालय का चक्कर लगाते नजर आ रहे. जिला मुख्यालय अभिलेखागार कार्यालय में रोज सैकड़ों की संख्या में खतियान लेने के लिए किसानों की भीड़ देखी जा रही है. जिला मुख्यालय अभिलेखागार कार्यालय से रोज सिर्फ 50 ही खतियान बांटे जा रहे हैं, जबकि खतियान लेने वाले किसानों की संख्या रोज सैकड़ों रह रही है. ऑनलाइन सिस्टम कमजोर होने की वजह से भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

किसानों को हो रही परेशानी

किसानों ने बताया कि सर्वे करना सरकार की अच्छी पहल है. लेकिन, इसके लिए सरकार को पहले तैयारी करनी चाहिए थी. बगैर किसी तैयारी के सर्वे करने की घोषणा कर दी गयी और सर्वे का कार्य जैसे ही प्रारंभ हुआ, किसानों को कागजात इकट्ठा करने में भी काफी परेशानी हो रही है. वहीं, उपस्थित किसान राम अवतार ने बताया कि मैं रामगढ़ से आया हूं और तीन दिन से ठेले का लिट्टी चोखा खाकर जिला कार्यालय गेट पर सो रहा हूं, लेकिन आज तीन दिन हो गये फिर भी मेरा खतियान नहीं मिल पाया. यहां बेवजह काम किया जा रहा है, जो रात-रात भर यहां नंबर लगाया है उसका लिस्ट में नंबर पीछे आ रहा है, जो सुबह आया है उसका पहले आ रहा है. इससे हम सभी किसान असंतुष्ट हैं.

वहीं, विकलांग किसान प्रताप कुमार भारती ने बताया कि मैं दुर्गावती से आया हूं यहां विकलांगों के लिए कोई अलग से व्यवस्था नहीं है. इसी भीड़ में लोग धक्का मुक्की कर रहे हैं, जिससे हमें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. किसानों में जयप्रकाश अनिल ठाकुर, शिव मूरत, मोती सिंह, कामेश्वर पासवान इत्यादि ने बताया कि यहां बहुत भीड़ है. खतियान लेने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खतियान लेने के लिए महिला किसान भी एक भीड़ की हिस्सा थी.

क्या बोले प्रधान लिपिक

जिला अभिलेखागार कार्यालय के प्रधान लिपिक दिनेश कुमार ने बताया कि यहां खतियान के लिए सैकड़ों किसानों की भीड़ इकट्ठा हो रही है. कोशिश की जा रही है अधिक से अधिक खतियान का वितरण किया जाये, लेकिन 50 खतियान से ज्यादा वितरण नहीं हो पा रहा है. इसे रोज भीड़ बढ़ते ही जा रही है. उसी में कुछ मौजा का खतियान कटे-फटे होने की वजह से सो नहीं हो रहा है, वैसे किसानों को चकबंदी कार्यालय में भेजा जा रहा है.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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