कैमूर: रामपुर के स्कूल प्रधानाध्यापक पर वित्तीय अनियमितता के आरोप, BEO ने 3 दिन में मांगा जवाब

Author Raju kumar|Edited by Vivek Singh
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BEO ने मांगा जवाब

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कैमूर जिले के एक स्कूल में प्रधानाध्यापक पर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगे हैं. वरिष्ठ शिक्षक की शिकायत के बाद शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापक से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है. जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

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Amaw School Financial Irregularities Case : कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, अमाव के प्रधानाध्यापक अजीत कुमार पर वित्तीय अनियमितता और मनमानी के गंभीर आरोप लगे हैं. वरिष्ठ शिक्षक जय प्रकाश की शिकायत के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) तेजस्विनी आनंद ने प्रधानाध्यापक से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है.

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Kaimur News : वरिष्ठ शिक्षक ने लगाए गंभीर आरोप

लेखापाल हिमांशु शेखर पाण्डेय ने बताया कि बीईओ द्वारा जारी पत्र के अनुसार वरिष्ठ शिक्षक जय प्रकाश ने प्रधानाध्यापक के विरुद्ध आवेदन देकर विद्यालय के विभिन्न मदों और सरकारी योजनाओं की राशि के उपयोग में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है. शिकायत में बिना क्रय समिति की बैठक के राशि निकासी और शासकीय कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरतने की बात कही गई है.

साक्ष्यों के साथ देना होगा जवाब

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापक अजीत कुमार को निर्देश दिया है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों का बिंदुवार स्पष्टीकरण तीन दिनों के भीतर कार्यालय में उपलब्ध कराएं. इसके साथ व्यय विवरणी, कैश बुक, बैंक पासबुक की छायाप्रति और अन्य संबंधित अभिलेख भी प्रस्तुत करने को कहा गया है.

समय पर जवाब नहीं देने पर होगी कार्रवाई

बीईओ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता या समय पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो यह माना जाएगा कि प्रधानाध्यापक के पास अपने बचाव में कहने के लिए कुछ नहीं है. ऐसी स्थिति में विभागीय नियमों के तहत अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा जाएगा.

शिक्षा विभाग ने अपनाया सख्त रुख

पत्र में कहा गया है कि किसी लोकसेवक और विद्यालय प्रधान पर वित्तीय गड़बड़ी के आरोप अत्यंत गंभीर हैं. इससे विद्यालय की साख के साथ-साथ शिक्षा विभाग की छवि भी प्रभावित होती है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी राशि के उपयोग में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

नोट: यह मामला शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच और स्पष्टीकरण की प्रक्रिया में है. आरोपों पर अंतिम निर्णय विभागीय जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा.


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