कैदियों को दी गयी प्ली बार्गेनिंग व कंपाउंडिंग की जानकारी
Updated at : 17 Aug 2025 10:37 PM (IST)
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विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
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भभुआ सदर.
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना और जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर श्री अनुराग के निर्देश पर रविवार को मंडलकारा, भभुआ में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद कैदियों को प्ली बार्गेनिंग (दोष स्वीकारोक्ति समझौता) और अपराधों के कंपाउंडिंग (समझौते योग्य अपराध) जैसे कानूनी प्रावधानों से अवगत कराना था, ताकि वे अपने मामलों का शीघ्र निबटारा करा सकें. कार्यक्रम का संचालन पैनल अधिवक्ता अभय कुमार सिंह और अधिकार मित्र अविनाश कुमार ने किया. उन्होंने कैदियों को सरल भाषा में बताया कि प्ली बार्गेनिंग किन मामलों में लागू होती है और इसकी प्रक्रिया क्या है. अभय कुमार ने कहा कि प्ली बार्गेनिंग के तहत आरोपित कम गंभीर अपराध स्वीकार कर अपनी सजा कम करवा सकता है. इससे न केवल आरोपी का समय बचता है, बल्कि कोर्ट पर मुकदमों का बोझ भी घटता है. कंपाउंडिंग अपराधों की भी जानकारीबंदियों को यह भी बताया गया कि भारतीय दंड संहिता की कुछ धाराएं ऐसी हैं, जिनमें पीड़ित और आरोपी आपसी सहमति से मामला खत्म कर सकते हैं. यह जानकारी खासकर उन कैदियों के लिए उपयोगी है जिनके मामले समझौते योग्य हैं. कार्यक्रम में मौजूद कैदियों ने अपनी कानूनी शंकाएं और समस्याएं रखीं, जिनका समाधान मौके पर ही किया गया. मंडलकारा अधीक्षक ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम कैदियों को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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