बगैर नक्शे के ही बन रहीं इमारतें !
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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भभुआ सदर : रसुखदारों द्वारा नियमों को दरकिनार कर शहर में इमारतें खड़ी की जा रही हैं. नगर पर्षद क्षेत्र में नक्शा पास कराने की अनदेखी की जा रही है़ बिना आदेश व परमिशन के शहर में मॉल सहित धड़ल्ले से कई इमारतें बनायी जा रही हैं. स्थिति यह है कि शहर में कई लोग […]
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भभुआ सदर : रसुखदारों द्वारा नियमों को दरकिनार कर शहर में इमारतें खड़ी की जा रही हैं. नगर पर्षद क्षेत्र में नक्शा पास कराने की अनदेखी की जा रही है़ बिना आदेश व परमिशन के शहर में मॉल सहित धड़ल्ले से कई इमारतें बनायी जा रही हैं. स्थिति यह है कि शहर में कई लोग इमारतों का निर्माण शुरू करने के बाद नक्शा पास कराने की प्रक्रिया शुरू करते हैं. रसुखदारों के चलते पूरा शहर अनधिकृत कॉलोनियों में बदल गया है. कई जगहों पर रास्ते भी नहीं हैं.
शहर के हालात बदतर हो गये हैं. इसके चलते जहां नगर पर्षद को राजस्व की क्षति हो रही है, तो दूसरी तरफ शहर के लोगों की जिंदगी असुरक्षित है़ मकान बनाने के दौरान निर्माणकर्ताओं द्वारा रास्ते तक नहीं छोड़े जा रहे हैं. नियम के अनुसार मकान के चारों तरफ जमीन भी नहीं छोड़ी जाती. शहर में एक भी भूकंपरोधी मकान नहीं बने हैं. शहरी क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराये मकान बनाने की इजाजत गैरकानूनी है. नये नियम के अनुसार 20 फुट चौड़ी सड़क पर ही चार मंजिला इमारत खड़ा करने की अनुमति देने का प्रावधान है.
भभुआ सदर. जिले में आये दिन नयी-नयी इमारतें खड़ी हो रही हैं. इन इमारतों को खड़ा करने के लिए गिट्टी, बालू, सीमेंट आदि का बड़े पैमाने पर कारोबार होता है. इसके लिए बकायदा पूरे जिले में सप्लायरों ने दुकानें भी खोल रखी हैं. इन दुकानों की यदि पड़ताल की जाये, तो अधिकांश निर्माण सामग्री बिक्री करनेवाली दुकानों के लाइसेंस ही नहीं हैं.
खनन विभाग की उदासीनता के चलते सप्लायर व दुकानदार भी ध्यान नहीं देते और न ही लाइसेंस प्राप्त करने में ही कोई रुचि दिखा रहे हैं. राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से निर्देश दे रखा है कि खनन की वस्तुएं बिना पंजीकरण कराये बेचे नहीं जा सकते.
पांच दुकानें ही लाइसेंसी
जिले में सैकड़ों बिना लाइसेंस के ईंट, गिट्टी, बालू बेचनेवाली दुकानें संचालित हैं. जिला खनन विभाग की माने, तो वर्ष 2016 के मुताबिक शहर में निर्माण सामग्री बेचनेवाले मात्र पांच दुकानदार ही लाइसेंसी हैं. जबकि इसके विपरीत शहर में निर्माण सामग्री बेचनेवाले दुकानदारों की संख्या लगभग 50 है़
मिट्टी का खनन व्यापक पैमाने पर जिले के कोने-कोने में होता है़ जिला खनन कार्यालय के मुताबिक मिट्टी अवैध खनन की जानकारी उन्हें नहीं है़ दर्जनों गांवों सहित सुवरन नदी के किनारे से धड़ल्ले से मिट्टी की कटाई की जा रही है़
बिना लाइसेंसवाले निर्माण सामग्री बेचनेवाले दुकानदारों में खनन विभाग की ओर से दंड का प्रावधान है. अवैध लघु खनिज भंडारण 2003 के तहत भंडारित लघु खनिज का बाजार मूल्य निर्धारित किया जाता है.
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