24 साल बीते, पर डीएम सहित अन्य अधिकारियों का अपना आवास नहीं
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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भभुआ (नगर) : कैमूर जिले की स्थापना हुए 24 वर्ष बीत चुके हैं. कई पदाधिकारी व कर्मी यहां आये और चले गये. लेकिन, अब तक जिले में डीएम व एसपी सहित अन्य पदाधिकारियों व कर्मियों के लिए स्थायी आवास नहीं बन पाया है. इसके चलते अधिकारी अस्थायी रूप से अन्य विभागों के लिए बने आवास […]
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भभुआ (नगर) : कैमूर जिले की स्थापना हुए 24 वर्ष बीत चुके हैं. कई पदाधिकारी व कर्मी यहां आये और चले गये. लेकिन, अब तक जिले में डीएम व एसपी सहित अन्य पदाधिकारियों व कर्मियों के लिए स्थायी आवास नहीं बन पाया है.
इसके चलते अधिकारी अस्थायी रूप से अन्य विभागों के लिए बने आवास या फिर किराये के मकान में रहने को मजबूर हैं. ऐसा भी नहीं कि इनके आवास को बनाये जाने की कोई पहल नहीं हुई. इसके लिए निर्माणाधीन जेल के पास बबुरा और सिकठी मौजा में 17 एकड़ भूमि की स्वीकृत कर ली गयी है. लेकिन, अब भी जमीन के मुआवजे को लेकर सारा मामला अधर में लटका हुआ है. जिला मुख्यालय में ही अधिकारियों के आवास नहीं होने से अधिकारी किराये के मकानों में रह कर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं. कई अधिकारी व कर्मी ऐसे भी हैं कि मुकम्मल आवासीय सुविधा न होने की वजह से अपने परिवार को अपने साथ नहीं रख पाते हैं.
मुआवजे के नाम पर मिले सिर्फ 15 करोड़: डीएम सहित अन्य अधिकारियों व कर्मियों के लिए आवासीय कॉलोनी बनाये जाने के प्रस्ताव पर हरी झंडी तो मिल चुकी है. इसके लिए भूमि का चयन भी कर लिया गया है.
शहर से सटे सिकठी और बबुरा मौजा में करीब 45 किसानों से कुल 17 एकड़ भूमि अधिगृहित की गयी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरी जमीन का मुआवजा एक अरब 99 करोड़ रुपये दिया जाना है. लेकिन, अब तक इस मद में सरकार से मात्र 15 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं जिसकी वजह से यह काम आगे नहीं बढ़ पा रहा.
डीएम व एसपी के आवास भी अस्थायी
जिलाधिकारी व एसपी के लिए भी अब तक स्थायी आवास की व्यवस्था नहीं हो पायी है. वर्तमान समय में जो डीएम का आवास है, वह सिंचाई विभाग का है. वहीं एसपी आवास भी जिला परिषद का आवास है. लेकिन, जिला बनने के बाद से ही यह दोनों आवास डीएम व एसपी का अस्थायी आवास बन चुके हैं. बात करें जिले के अन्य वरीय अधिकारियों की तो इनके लिए भी अब तक स्थायी आवास की कोई सुविधा नहीं है और कर्मचारियों के आवास का भी यही हाल है.
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