हड़ताल पर रहे सरकारी व गैर सरकारी डॉक्टर, लौटे मरीज

Updated:
विज्ञापन

केवल इमरजेंसी सेवा रही चालू सदर अस्पताल के ओपीडी में नहीं हुआ इलाज भभुआ (कार्यालय) : राज्य में चिकित्सकों पर हो रहे हमले एवं आपराधिक घटनाओं को लेकर भासा व आइएमए द्वारा शनिवार को बुलायी गयी एकदिवसीय हड़ताल का असर भभुआ में भी देखने को मिला. सदर अस्पताल सहित निजी क्लिनिकों में भी ओपीडी सेवा […]

विज्ञापन

केवल इमरजेंसी सेवा रही चालू

सदर अस्पताल के ओपीडी में नहीं हुआ इलाज
भभुआ (कार्यालय) : राज्य में चिकित्सकों पर हो रहे हमले एवं आपराधिक घटनाओं को लेकर भासा व आइएमए द्वारा शनिवार को बुलायी गयी एकदिवसीय हड़ताल का असर भभुआ में भी देखने को मिला. सदर अस्पताल सहित निजी क्लिनिकों में भी ओपीडी सेवा बंद रही. सभी सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सक हड़ताल पर रहे. हालांकि, इस दौरान इमरजेंसी सेवा बहाल रही. इमरजेंसी सेवा को मानवता एवं जनहित को देखते हुए हड़ताल से बाहर रखा गया था. इस दौरान भभुआ में सदर अस्पताल परिसर में चिकित्सकों की एक बैठक आयोजित हुई, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों में हो रहे चिकित्सकों पर हमले की निंदा की गयी. वहीं सरकार से चिकित्सकों को सुरक्षा देने की मांग की गयी.
चिकित्सकों ने सरकार पर आरोप लगाया कि लगातार चिकित्सकों पर हमले हो रहे हैं. लेकिन, सरकार सोयी हुई है. सुरक्षा नहीं दिये जाने के कारण चिकित्सक भय के माहौल में काम कर रहे हैं. अगर, यहीं स्थिति रही तो चिकित्सक आनेवाले दिनों में बेमियादी हड़ताल पर जाने को विवश होंगे. बैठक की अध्यक्षता डाॅ अनिल कुमार सिंह व संचालन डाॅ विनोद कुमार सिंह ने किया.
गांवों से आये लोगों को हुई ज्यादा परेशानी
चिकित्सकों के हड़ताल पर रहने के कारण सदर अस्पताल में इलाज के लिए आये सैकड़ों मरीजों को बगैर इलाज के हीं वापस लौटना पड़ा. बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर और मलेरिया, टाइफाइड के मरीज बड़ी संख्या में प्रतिदिन सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं. लेकिन, इसी बीच चिकित्सकों की एक दिन के हड़ताल से जहां एक तरफ पूरी चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गयी. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से आये मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और अंत में हड़ताल के कारण बगैर इलाज कराये मरीजों को निराश हो कर वापस लौटना पड़ा.
क्या कहते हैं मरीज
मोकरी गांव से इलाज के लिए पहुंचीं सुमन देवी ने बताया कि वह महिला चिकित्सक से इलाज के लिए आयी थीं. लेकिन, सदर अस्पताल के ओपीडी में हड़ताल के कारण कोई भी महिला चिकित्सक नहीं बैठी. निजी अस्पतालों में भी कोई महिला चिकित्सक इलाज नहीं कर रही हैं. आठ किलोमीटर की दूरी तय कर इलाज के लिए भभुआ आयी थी. लेकिन, बगैर इलाज कराये लौटना पड़ रहा है. वहीं भेकास गांव से इलाज कराने पहुंची मीरा देवी कहा कि इस हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी हम महिला मरीजों को है. मजबूरन बगैर इलाज कराये अपने गांव लौट रही हूं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन