ा व्यवसायियों की लाखों की पूंजी फंसी

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ा व्यवसायियों की लाखों की पूंजी फंसी फ्लैग – मौसम का कहर. नहीं पड़ी कड़ाके की ठंड, गरम कपड़ों का व्यवसाय रहा मंदकारोबार कम होने से व्यापारियों को पूंजी लौटने में भी आशंका प्रतिनिधि, भभुआ (नगर)इस साल अधिक ठंड नहीं पड़ने से गरम कपड़ों का कारोबार करनेवाले व्यवसायियों में निराशा है. सूर्य के तपीश ने […]

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ा व्यवसायियों की लाखों की पूंजी फंसी फ्लैग – मौसम का कहर. नहीं पड़ी कड़ाके की ठंड, गरम कपड़ों का व्यवसाय रहा मंदकारोबार कम होने से व्यापारियों को पूंजी लौटने में भी आशंका प्रतिनिधि, भभुआ (नगर)इस साल अधिक ठंड नहीं पड़ने से गरम कपड़ों का कारोबार करनेवाले व्यवसायियों में निराशा है. सूर्य के तपीश ने गरम कपड़ों के व्यवसाय को जला कर रख दिया है. कारोबार कम होने से व्यापारियों को पूंजी लौटने में भी आशंका हो रही है. उनके माथे पर पसीने आ रहे हैं. विगत वर्षों में 10 से 15 दिन ही सही कड़ाके की ठंड पड़ने से बाजार में स्वेटर, दस्ताने, कोट व टोपी आदि का टोटा पड़ गया था, लेकिन इस बार मौसम के भंवरजांल में कपड़ा व्यवसायी फंस गये है. रात में औसतन 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पारा कभी नहीं आया. दिन का तापमान भी तापमान 20-22 डिग्री सेल्सियस के बीच झूलता रहा. वैसे भी पौष मास में अधिक ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक है. यह अलग बात है कि टुकड़ियों में बंटे बादल आसमान में नजर आ रहे हैं. मौसम की मार ने गरम कपड़ों के छोटे-बड़े सभी व्यवसायियों को कर्जदार बना दिया है. एक कारोबारी ने बताया कि सीजनल आइटम पर व्यवसायी पूंजी से अधिक व्यय करते हैं. इस बार ठंड नहीं पड़ने से गरम कपड़ों में पूंजी तो फंसी ही, वह कर्जदार भी हो गये हैं. कारोबारियों का कहना है कि ठंड का मौसम अनुकूल रहने पर तीन माह के इस व्यवसाय में लाखों का मुनाफा होता है, लेकिन, इस बार आधे से अधिक की रकम फंस गयी है. उन्हें इस बात की चिंता है अगले साल अगर इन गरम कपड़ों के डिजाइन पुराने पड़ जायेंगे. वहीं इन कपड़ों के स्टोरेज की व्यवस्था भी अलग से करनी होगी. अब गरमी का मौसम आनेवाला है. इस सीजन के लिए कपड़े खरीदने के लिए अलग से पूंजी चाहिए. कपड़ा व्यवसायी संजय अग्रवाल व पुनीत लाल आदि ने बताया कि दिल्ली, कोलकाता व मुंबई जैसी थोक मंडियों से गरमी का मौसम देखते हुए 15 दिन पहले ही कपड़ों की खरीदारी शुरू होती है. इसके लिए अलग से पूंजी की दरकार पड़ेगी. मौसम के मिजाज को देखते हुए व्यवसायियों ने अभी से फूंक-फूंक कर कदम रखना शुरू कर दिया है…………………………….फोटो. 6. दुकानों में सजे गरम कपड़े ………………………….

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