नियमों को ताक पर रख सुरक्षा से बेपरवाह
नियमों को ताक पर रख सुरक्षा से बेपरवाह वाहन चालक कर रहे नियमों का उल्लंघन शहर की सड़कों पर अनियंत्रित चलती हैं गाड़ियां यातायात सप्ताह बना दिखावा प्रतिनिधि, भभुआ(सदर) पूरे जिले में 10 जनवरी से यातायात सप्ताह की शुरुआत हुई है. परिवहन विभाग द्वारा भी जागरूकता कार्यक्रम न चला कर केवल एक रिक्शा पर जागरूकता […]
नियमों को ताक पर रख सुरक्षा से बेपरवाह वाहन चालक कर रहे नियमों का उल्लंघन शहर की सड़कों पर अनियंत्रित चलती हैं गाड़ियां यातायात सप्ताह बना दिखावा प्रतिनिधि, भभुआ(सदर) पूरे जिले में 10 जनवरी से यातायात सप्ताह की शुरुआत हुई है. परिवहन विभाग द्वारा भी जागरूकता कार्यक्रम न चला कर केवल एक रिक्शा पर जागरूकता के लिए बैनर लगा कर मुनादी करते हुए महज खानापूर्ति कर रही है. सड़क सुरक्षा सप्ताह तो मनाया जा रहा है. लेकिन, कहीं भी इसके जागरूकता के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है. पिछले दो दिनों से विभाग व पुलिस द्वारा शहर के मार्गों पर ऐसी कोई भी कार्रवाई नहीं की गयी है, जिसके चलते नियमों का उल्लंघन करने वाले बाइक सवारों सहित अन्य वाहन चालकों पर अंकुश लग सके. स्कूल व कॉलेजों के शुरू व छुट्टी होने के समय कई नाबालिग बच्चे बेखौफ वाहन चलाते नजर आ रहे हैं. इन बच्चों को न तो समझाने का प्रयास किये जा रहे हैं और न ही कार्रवाई. जबकि, यातायात सुरक्षा सप्ताह के दौरान नियमों से स्कूली छात्रों को विशेष कर जागरूक किया जाता है. नियमों को पालन करने में मानते हैं अपनी तौहीन शहर से यातायात व्यवस्था मानो काफूर हो गयी है. यहां लोग नियमों का पालन करना अपनी तौहीन समझते हैं और मनमाने अंदाज में सड़कों पर वाहनों से फर्राटे भरते हैं. उन्हें न तो सुरक्षा की चिंता रहती है न ही ओवरलोडिंग का डर, दो पहिया वाहनों पर भी तीन से चार सवारियों का चलना शहर में आम हो गया है. नगर पर्षद की लापरवाही भी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर भारी पड़ रही है. वैसे तो पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर द्वारा शहर के एकता चौक व पटेल चौक सहित तमाम भीड़ भाड़वाले जगहों पर जवानों की तैनाती की गयी है. लेकिन, नगर पर्षद की उदासीनता व अधिकारियों के ध्यान न देने के चलते अकसर इन जगहों पर जाम के हालात बन जा रहे हैं. एकता चौक, जेपी चौक, मुंडेश्वरी सिनेमा हॉल, देवी मंदिर रोड व विद्युत विभाग आदि स्थानों पर वाहन खड़े करने की जगह तय नहीं है, जिसके चलते ऑटो और मैजिक वाहन सवारी बैठाने के लिए मनचाहे जगहों पर खड़े कर दिये जाते हैं. जिंदगी हथेली पर रख कर सफर करने को मजबूर शहर सहित ग्रामीण इलाकों में दौड़ने वाले वाहनों में क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बैठाया जा रहा है. इसके चलते जान जोखिम में डाल कर सफर करने को मजबूर हो रहे हैं. जानकारी हो कि शहर के मुख्य मार्गों से ऐसे सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, जिनमें पैसों के लालच में वाहन चालक यात्री को बैठा लेते हैं. वहीं, लोडिंग वाहनों का इस्तेमाल सामान ढोने में कम यात्रियों को लाने-ले जाने में ज्यादा किया जा रहा है. शहर के बस स्टैंड वाले क्षेत्र हो या एकता चौक हर तरफ ऐसे ही वाहन खड़े कर ग्रामीण यात्रियों को बैठा लेते हैं. शहर के रविशंकर अग्रवाल, शैलेश मिश्र व राजू आर्य का कहना है कि शहर की यातायात व्यवस्था चिंतनीय है. मैजिक व पिकअप में जहां आठ सवारी बैठने चाहिए वहां चालक द्वारा आठ के जगह पर 16 लोगों को बैठा दिया जाता है. उनका कहना था कि चालक नशे में वाहन चलाते हैं. लेकिन, पुलिस कार्रवाई ही नहीं करती. फोटो:-एकता चौक मुख्य सड़क पर पुलिस वाहन सहित लगी बेतरतीब गाड़ियां
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