मौसम हुआ तल्ख, तो बीमारियां करने लगीं बेचैन

Updated at : 08 May 2019 7:50 AM (IST)
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मौसम हुआ तल्ख, तो बीमारियां करने लगीं बेचैन

भभुआ सदर : मई महीने में सूर्य के रौद्र रूप और ऊमस से क्या बच्चे और क्या बूढे व महिलाएं. सभी परेशान हैं. मई के पहले सप्ताह में सूरज ऐसे कहर ढा रहा, मानों जैसे वह लोगों को जलाने पर तुले हो. ऐसे में सदर अस्पताल में भी मरीजों की बाढ़ सी आयी हुई है. […]

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भभुआ सदर : मई महीने में सूर्य के रौद्र रूप और ऊमस से क्या बच्चे और क्या बूढे व महिलाएं. सभी परेशान हैं. मई के पहले सप्ताह में सूरज ऐसे कहर ढा रहा, मानों जैसे वह लोगों को जलाने पर तुले हो. ऐसे में सदर अस्पताल में भी मरीजों की बाढ़ सी आयी हुई है. मात्र मंगलवार को ही अस्पताल के ओपीडी में 300 से अधिक मरीजों ने इलाज के लिए अपना पर्चा कटवाया.

सदर अस्पताल के डॉक्टर जेएन सिंह भी कहते हैं कि ऐसे मौसम को हल्के में नहीं लेने की जरूरत हैं, क्योंकि यह आपको भारी नुकसान पहुंचा सकता है. उतार-चढ़ाव भरे मौसम में बीमारियां तेजी से पनपती हैं. बदलते मौसम के अनुकूल शरीर को ढालना आसान नहीं रह गया है. ऐसे में खुद को बचाये रखने के लिए विशेष सतर्कता जरूरी है.
मौसम की चाल समझ से परे
मौसम की चाल समझ से परे है. कभी तेज धूप हो जाती है, तो कभी फोनी जैसे चक्रवाती तूफान के चलते आसमान पर बादल घिर आते हैं. लेकिन, इनसब के बीच ऊमस और गर्म हवा ने लोगों को बीमार करना शुरू कर दिया हैं.
मौसम की बेरुखी व उतार-चढ़ाव के कारण ही सरकारी अस्पताल सहित शहर के निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गयी है. अकेले सदर अस्पताल में रोज ओपीडी में मरीजों की संख्या दो से तीन सौ से अधिक पहुंच रही है. कुछ ऐसा ही हाल शहर के निजी व प्राइवेट अस्पतालों व क्लिनिकों का है.
सदर अस्पताल के डॉ विनय कुमार तिवारी बताते हैं कि इस गर्मी और ऊमस भरे मौसम का असर सेहत पर पड़ रहा है. इस मौसम में अधिकतर लोग, लू लगने, डायरिया, बुखार व पेट दर्द जैसी बीमारियों से परेशान हैं. ऐसे में सतर्कता बरतनी चाहिए. सदर अस्पताल के डीएस डॉ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है. डायरिया व बुखार आदि के मरीज बढ़े हैं. अस्पताल में मरीजों के लिये फ्लूड से लेकर हर दवा की व्यवस्था की गयी है.
ये आदतें हो सकती हैं नुकसानदेह
अक्सर देखने में आता है कि हम तेज धूप और गर्मी से पसीने में लथपथ आते हैं और एसी, कूलर या पंखे के सामने बैठ जाते हैं या बाहर से आकर फ्रिज का ठंडा पानी पी लेते हैं. इससे सर्द-गर्म होने का खतरा बढ़ जाता है.ऐसा करने से बचें. सफाई का रखें ध्यान किसी भी तरह के संक्रमण से बचने के लिए हाथों को साबुन से धोये. आपकी साफ-सफाई संक्रमण को रोकने में मददगार साबित होगी.
मौसम में बदलाव आने पर रात को सोते वक्त नमक युक्त गुनगुने पानी से गरारे और भाप लेने की आदत डालें. किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. तला भुना खाने से बचें इस मौसम में बाहर का बासी, तला-भुना, मिर्च-मसाले वाला कुछ भी खाने से बचें. खूब पानी पीएं और घर का बना हल्का भोजन ही लें. हमेशा साफ व उबला हुआ पानी ही पीएं.
तेजी से फैलता है संक्रमण
इस समय असहनीय धूप और गर्मी के मौसम में संक्रमण तेजी से फैलता है और वैक्टीरिया आदि जीवाणु और रोगाणु के पनपने की क्षमता भी अधिक हो जाती है. इसका मुख्य कारण है वातावरण व जलवायु में बदलाव. सर्दी-जुकाम व वायरल रोग आसानी से शरीर को घेर लेते हैं.
उतार-चढ़ाव भरे मौसम में हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी क्षीण हो जाती है. मौसम में ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स व एसी की आदतों को नहीं छोड़ पाते, जिससे सर्दी-जुकाम की गिरफ्त में आ जाते हैं.
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