मौसम हुआ बेईमान, तो लोगों को बीमारियों ने किया बेचैन
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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बरसात में गर्मी व ऊमस से घर-घर में लोग हो रहे बीमार सोमवार को सदर अस्पताल में पहुंचे 1200 मरीज, पर कुव्यवस्था बढ़ा रही परेशानी भभुआ सदर : बरसात के मौसम में बारिश के बेईमान हो जाने से क्या किसान और क्या आमलोग सभी परेशान हैं. बारिश के साथ छोड़ देने से सूरज की तपिश […]
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बरसात में गर्मी व ऊमस से घर-घर में लोग हो रहे बीमार
सोमवार को सदर अस्पताल में पहुंचे 1200 मरीज, पर कुव्यवस्था बढ़ा रही परेशानी
भभुआ सदर : बरसात के मौसम में बारिश के बेईमान हो जाने से क्या किसान और क्या आमलोग सभी परेशान हैं. बारिश के साथ छोड़ देने से सूरज की तपिश और ऊमस लोगों को बीमार कर रहा हैं. हालत यह है कि हर घर से कोई न कोई बीमार हैं.
सदर अस्पताल में भी मरीजों की बाढ़ सी आयी हुई है. मात्र सोमवार को ही अस्पताल के ओपीडी में 1200 से अधिक मरीजों ने इलाज के लिए अपना पर्चा कटवाया. सदर अस्पताल के डॉक्टर भी कहते हैं कि ऐसे मौसम को हल्के में नहीं लेने की जरूरत हैं. क्योंकि, यह आपको भारी नुकसान पहुंचा सकता है. उतार-चढ़ाव भरे मौसम में बीमारियां तेजी से पनपती हैं.
अस्पतालों में इस समय सर्दी जुकाम, बुखार, सिरदर्द, खांसी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. बदलते मौसम के अनुकूल शरीर को ढालना आसान नहीं रह गया है. ऐसे में खुद को बचाये रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतनी जरूरी है.
मौसम की चाल समझ से परे: इस बार मौसम की चाल समझ से परे है. कभी तेज धूप हो जाती है तो कभी आसमान बादलों से घिर जाता है.
बीच-बीच में बारिश भी हुई, जिसके चलते मौसम नम हुआ. दूसरे दिन फिर आसमान से आग बरसने लगी. मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गयी है. अकेले सदर अस्पताल में ही रोज ओपीडी में मरीजों की संख्या आठ सौ से एक हजार के करीब पहुंच गयी है. कुछ ऐसा ही हाल शहर के निजी व प्राइवेट अस्पतालों व क्लिनिकों का है, जहां सुबह से ही मरीजों की संख्या जुटने लगती है.
सदर अस्पताल के डॉ अविनाश चंद्रा बताते हैं कि मौसम के बदलाव का असर सेहत पर पड़ रहा है. सर्दी, जुकाम, टायफाइड जैसी बीमारियों ने लोगों को जकड़ रखा है. ऐसे में मौसम में सतर्कता बरतनी चाहिए. सदर अस्पताल के डीएस डॉ प्रह्लाद सिंह ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है. डायरिया, बुखार आदि के मरीज बढ़े हैं. उनका कहना है कि बारिश के बाद हालात तेजी से बदलेंगे. उस समय दिमागी बुखार व मलेरिया जैसी बीमारियां अपना प्रकोप दिखायेंगी.
तेजी से फैलता है संक्रमण: बदलते मौसम में संक्रमण तेजी से फैलता है और वैक्टीरिया आदि जीवाणु और रोगाणु के पनपने की क्षमता भी अधिक हो जाती है. इसका मुख्य कारण है वातावरण व जलवायु में बदलाव. सर्दी-जुकाम व वायरल जैसे रोग आसानी से शरीर को घेर लेते हैं. उतार-चढ़ाव भरे मौसम में हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी क्षीण हो जाती है. मौसम में ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स व एसी की आदतों को नहीं छोड़ पाते, जिससे सर्दी-जुकाम की गिरफ्त में आ जाते हैं.
ये आदतें हैं नुकसानदेह
अक्सर देखने में आता है कि हम तेज धूप और गर्मी से पसीने में लथपथ आते हैं और एसी, कूलर या पंखे के सामने बैठ जाते हैं या बाहर से आकर फ्रिज का ठंडा पानी पी लेते हैं. इससे सर्द-गर्म होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसा करने से बचें.
सफाई का रखें ध्यान
किसी भी तरह के संक्रमण से बचने के लिए हाथों को साबुन से धोये. आपकी साफ-सफाई संक्रमण को रोकने में मददगार साबित होगी. मौसम में बदलाव आने पर रात को सोते वक्त नमक युक्त गुनगुने पानी से गरारे और भाप लेने की आदत डालें. किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
तला भुना खाने से बचें
इस मौसम में बाहर का बासी, तला-भुना, मिर्च-मसालेवाला कुछ भी खाने से बचें. खूब पानी पीएं और घर का बना हल्का भोजन ही लें. हमेशा साफ व उबला हुआ पानी ही पीएं.
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