गलती विभाग की, भुगत रहे बिजली उपभोक्ता

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बगैर मीटर रीडिंग किये ही विभाग से भेजा जा रहा बिजली बिल भभुआ शहर. बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के घरों में मीटर तो लगा दिया गया, लेकिन महीना-महीना उपभोक्ताओं के घरों पर जाकर मीटर रीडिंग नहीं की जा रही है. प्रति माह बिलिंग न कर दो-तीन माह पर बिल भेजा जा रहा है. इसके कारण […]

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बगैर मीटर रीडिंग किये ही विभाग से भेजा जा रहा बिजली बिल
भभुआ शहर. बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के घरों में मीटर तो लगा दिया गया, लेकिन महीना-महीना उपभोक्ताओं के घरों पर जाकर मीटर रीडिंग नहीं की जा रही है.
प्रति माह बिलिंग न कर दो-तीन माह पर बिल भेजा जा रहा है. इसके कारण उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ हो जा रहा है. इस स्थिति में उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इससे गलती विभाग की और भुगत रहे बिजली उपभोक्ता. यह कहावत बिजली विभाग व शहर व ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर सटीक बैठता रहा है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शहर के उपभोक्ताओं को साढ़े पांच रुपये प्रति यूनिट, दुकानदारों को नौ रुपये प्रति यूनिट है. वहीं ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट है.
शहर के उपभोक्ता पीयूष कुमार, पंकज सिंह ने बताया कि शहर में प्रति माह मीटर का रीडिंग विभाग के कर्मचारियों द्वारा नहीं की जा रहा है. पहले एक माह का तीन रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल ढ़ाइ सौ तीन सौ रुपये आता था, लेकिन समय से बिलिंग नहीं होने के कारण दो से तीन माह पर सात सौ आठ सौ रुपये बिल आ रहा है. दो तीन माह पर बिलिंग होने पर ब्याज भी लगने लग रहा है. सोमवार को बिजली विभाग कार्यालय के एसडीओ से ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने ज्यादा बिल आने की शिकायत की.
चैनपुर प्रखंड के करजाव गांव की राजमति देवी ने बताया कि 2016 में बिजली बिल 2251 रुपये पर आया था. बिजली बिल जमा कर दिया. लेकिन 2017 में 10229 रुपये का बिजली बिल आया है. इसके बाद छह-सात माह में कोई मीटर रीडिंग करने या बिल देने कोई कर्मी नहीं आया. बिना मीटर रीडिंग के ही मनमाना बिल भेज दिया जा रहा है. इससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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