Jehanabad : नगर परिषद एग्जिक्यूटिव के खिलाफ निंदा प्रस्ताव के पक्ष में 16 व विपक्ष में पड़े 12 वोट

Published by :MINTU KUMAR
Published at :27 Apr 2026 11:06 PM (IST)
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Jehanabad : नगर परिषद एग्जिक्यूटिव के खिलाफ निंदा प्रस्ताव के पक्ष में 16 व विपक्ष में पड़े 12 वोट

नगर परिषद की बोर्ड की बैठक में नप के कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह के खिलाफ लाये गये निंदा प्रस्ताव पर वोटिंग करायी गयी जिसमें निंदा प्रस्ताव के पक्ष में 16 वोट डाले गये जबकि निंदा प्रस्ताव के खिलाफ 12 पार्षदों ने वोटिंग की.

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जहानाबाद.

नगर परिषद की बोर्ड की बैठक में नप के कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह के खिलाफ लाये गये निंदा प्रस्ताव पर वोटिंग करायी गयी जिसमें निंदा प्रस्ताव के पक्ष में 16 वोट डाले गये जबकि निंदा प्रस्ताव के खिलाफ 12 पार्षदों ने वोटिंग की. हालांकि बैठक में 29 वार्ड पार्षद मौजूद थे किंतु वोटिंग के समय 28 वार्ड पार्षद ही उपस्थित हुए जिन्होंने वोटिंग की. निंदा प्रस्ताव की इस वोटिंग पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह और मुख्य पार्षद रूपा देवी के अपने-अपने दावे हैं.

कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह ने म्युनिसिपल एक्ट की धारा 41 का हवाला देते हुए कहा कि निंदा प्रस्ताव दो तिहाई बहुमत से पारित किया जाना चाहिए किंतु आज की बैठक में वोटिंग के दौरान उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव दो तिहाई बहुमत से पारित नहीं हुआ है, इसलिए उनके खिलाफ लाया गया निंदा प्रस्ताव गिर गया है. उन्होंने निंदा प्रस्ताव लाये जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. निंदा प्रस्ताव वार्ड संख्या 19 के पार्षद संजय कुमार के द्वारा लाया गया था. उनके द्वारा इसके लिए मुख्य पार्षद को आवेदन दिया गया था, जिसमें कार्यपालक पदाधिकारी पर वार्ड पार्षदों से नहीं मिल कर चेंबर के बाहर खड़ा रखने, उनका फोन नहीं उठाने, फोन को ब्लैक लिस्ट में डालने, उनके कार्यालय आने-जाने का कोई नियत समय नहीं होने, बोर्ड की बैठक की कार्यवाही महीनो लंबित रखने, अपने आदमी रखकर विभागीय काम कराने संबंधी कई गंभीर आरोप लगाए गए थे. इधर मुख्य पार्षद रूपा देवी के अनुसार इसमें दो तिहाई बहुमत की जरूरत नहीं होती है. बहुमत से ही बोर्ड में निंदा प्रस्ताव पास होता है, इसलिए बोर्ड की बैठक में निंदा प्रस्ताव पास हो चुका है. बैठक में शहर में वर्तमान सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाया गया. बहुत से पार्षदों ने सफाई एजेंसी के द्वारा सही ढंग से कार्य नहीं किये जाने और नगर में सफाई व्यवस्था की बुरी स्थिति का हावला देते हुए सफाई एजेंसी का एग्रीमेंट रद्द करने की मांग की. हालांकि वार्ड पार्षदों के द्वारा इस मुद्दे पर अलग-अलग राय होने के कारण इस पर भी एक राय नहीं बन सकी. इस मुद्दे पर भी बहुमत में वार्ड पार्षदों ने वर्तमान एजेंसी को ही कार्य कराने पर सहमति जताई, जिसके कारण सफाई एजेंसी को हटाने का मुद्दा बोर्ड की बैठक में गिर गया.

सफाई एजेंसी के मुद्दे पर कुछ वार्ड पार्षदों ने अनियमितता, कमीशन और भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया. इसके बाद बोर्ड की बैठक में विकास कार्यों पर चर्चा हुई, जिसमें शहर के प्रत्येक वार्ड में वार्ड पार्षद की अनुशंसा पर 50 लाख तक की दो योजनाएं लेने पर सहमति व्यक्त की गई. इसके अलावा उपमुख्य पार्षद के वार्ड में उनकी अनुशंसा पर एक करोड़ 25 लाख और मुख्य पार्षद की अनुशंसा पर एक करोड़ 50 लाख की योजना लेने पर सहमति व्यक्त की गयी. बैठक में मुख्य पार्षद रूपा देवी, उपमुख्य पार्षद पिंटू रजक और कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह के अलावा वार्ड पार्षद संजय यादव, धर्मपाल यादव, संजय कुमार, पूजा भारद्वाज सहित अन्य वार्ड पार्षद मौजूद थे.

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