जहानाबाद .
पटना के चित्रगुप्त नगर मुन्नाचक मोड़ स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही 25 वर्षीय युवती की संदेहास्पद मौत को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है. परिजनों ने आशंका जताई है कि युवती के साथ दुष्कर्म की घटना घटित हुई है और पूरे मामले को दबाने के लिए हॉस्टल संचालक द्वारा लगातार झूठी कहानियां गढ़ी जा रही हैं. परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी बीते दो वर्षों से उक्त हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी और 5 जनवरी को हॉस्टल के लिए निकली थी. उसी दिन रात करीब 9 बजे हॉस्टल में प्रवेश करते हुए युवती का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है, लेकिन इसके बाद रात करीब 11 बजे सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया गया. जब पुनः कैमरा चालू हुआ तो युवती के कमरे से बाहर निकलने का कोई फुटेज नहीं मिला, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है. परिजनों का आरोप है कि संभवतः युवती को झांसा देकर जबरन हॉस्टल से बाहर भेजा गया, जहां उसके साथ अमानवीय कृत्य किया गया.
हालत बिगड़ने के बाद सच्चाई छुपाने के उद्देश्य से हॉस्टल संचालक ने उसे अपने परिचित अस्पताल में भर्ती कराया और तीन दिनों तक परिजनों को गुमराह कर बेटी से मिलने नहीं दिया गया. परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि युवती की तबीयत हॉस्टल में बिगड़ी थी तो उसे अस्पताल ले जाते समय वीडियोग्राफी क्यों नहीं करायी गयी. कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने की स्थिति में पुलिस या मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दरवाजा क्यों नहीं तोड़ा गया. साथ ही कमरे में मिली नींद की दवा को लेकर भी संदेह जताया गया है कि इसे जानबूझकर रखा गया हो सकता है. बताया गया कि उक्त गर्ल्स हॉस्टल में करीब 40 से 50 लड़कियां रहती हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक सामने आयी है. परिजनों ने कहा कि पटना के गुलबी घाट पर बेटी का दाह-संस्कार कर वे देर रात लौटे हैं और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है. परिजनों का आरोप है कि पुलिस की भूमिका भी संतोषजनक नहीं है. यदि निष्पक्ष जांच हो तो परत-दर-परत चौंकाने वाली सच्चाई सामने आ सकती है व ऐसे हॉस्टलों के संचालकों पर कार्रवाई संभव हो सकेगी. मृतक युवती के पिता शकुराबाद स्थित एक हाइस्कूल में प्रधान लिपिक के पद पर कार्यरत हैं.
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