15 साल बाद भी अरवल में नहीं बना डंपिंग यार्ड, गली-मोहल्लों में कचरे का अंबार
नगर परिषद का फेंका गया कचरा | Prabhat Khabar Network
अरवल नगर परिषद के गठन के 15 साल बाद भी कचरा प्रबंधन की व्यवस्था बदहाल है। डंपिंग यार्ड न होने से शहर की गलियों में कूड़े का अंबार लगा है, लोग परेशान हैं।
Arwal News : अरवल नगर परिषद के गठन के 15 वर्ष बाद भी शहर में कचरा प्रबंधन की समस्या दूर नहीं हो सकी है. नगर क्षेत्र में कचरा निस्तारण के लिए अब तक डंपिंग यार्ड नहीं बन पाया है. इसके कारण शहर का कचरा जहां-तहां फेंका जा रहा है. लोगों की सबसे बड़ी परेशानी गंदगी के बीच जीवन गुजारना बन गई है. शहर की मुख्य सड़कें साफ-सुथरी नजर आती हैं, लेकिन गलियों और मोहल्लों की स्थिति इसके ठीक विपरीत है. खाली जगहों पर कूड़े-कचरे का अंबार लगा हुआ है. इससे कई इलाकों में गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी हुई है. नगर परिषद की कचरा प्रबंधन व्यवस्था फिसड्डी साबित हो रही है.
कचरा प्रबंधन और ट्रीटमेंट प्लांट की योजना अधर में
नगर परिषद द्वारा तैयार की गई कचरा प्रबंधन की योजना वर्षों से अधर में पड़ी है. जमीन के अभाव में यह योजना अब तक आकार नहीं ले सकी है. नगर परिषद क्षेत्र से निकलने वाले कचरे को संग्रहित करने के लिए दो से ढाई बीघा जमीन लेने का निर्णय लिया गया था. इसी जमीन पर कचरा प्रबंधन सह ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना थी.
कचरे से खाद बनाने की थी योजना
प्रस्तावित ट्रीटमेंट प्लांट में कचरे से खाद तैयार करने की योजना बनाई गई थी. इसके लिए शहर से 10 से 12 किलोमीटर के दायरे में बड़े भूखंड की व्यवस्था की जानी थी, ताकि कचरे का उचित प्रबंधन और निस्तारण किया जा सके. लेकिन कचरा प्रबंधन की व्यवस्था तो दूर, अब तक स्थायी डंपिंग प्वाइंट भी नहीं बन पाया है.
25 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव
नगर क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने के लिए नगर परिषद द्वारा पिछले वर्षों डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था शुरू की गई थी. कूड़ा उठाव के लिए प्रत्येक वाहन के साथ चालक सहित दो सफाई कर्मियों को लगाया गया है. नगर के सभी 25 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की योजना लागू है.
जरूरत के हिसाब से छोटी पड़ रही व्यवस्था
नगरवासियों का कहना है कि आबादी और जरूरत के हिसाब से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है. कई जगहों पर नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. कचरा उठाव के बाद उसके निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं होने से भी समस्या बनी हुई है.
प्रसादी इंग्लिश के पास मिलेगी जमीन
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मोनू कुमार ने कहा कि कचरे की डंपिंग के लिए प्रसादी इंग्लिश के पास जमीन मिल गई है. जल्द ही वहां डंपिंग यार्ड का निर्माण कराया जाएगा.
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