जहानाबाद सदर. सरकार द्वारा जमीन के सर्वे का काम युद्धस्तर पर कराया जा रहा है. इसी को लेकर जमीन मालिक भी अपने-अपने जमीन के सर्वे करने के लिए परेशान दिख रहे हैं. जमीन मालिक अपने जमीन के सर्वे करने के लिए सभी कागजात ढूंढना शुरू कर दिये हैं और जमीन के सर्वे में क्या-क्या कागजात की आवश्यकता है, वह इकट्ठा करने लगे हैं. उसी के तहत सबसे अहम बात यह है कि जमीन के सर्वे के लिए खतियान निकालना अतिआवश्यक है. जमीन मालिक रिकॉर्ड रूम से खतियान निकालने के लिए परेशान हैं, काफी जद्दोजहद जमीन मालिकों को करनी पड़ रही है. रिकॉर्ड रूम में खतियान निकालने के लिए लोग चालान जमा कर देते हैं और समय पर खतियान लेने के लिए पहुंचते हैं तो उन्हें नहीं मिल पाता है. खतियान निकालना कितना मुश्किल है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रिकॉर्ड रूम में खतियान निकालने के लिए लोगों की भीड़ जमा रहती है. लोग अपनी-अपने बारी का इंतजार करते रहते हैं कि शायद नाम पुकारा जाये. दिन भर कार्यालय में उपस्थित रहने के बाद भी जब उन्हें खतियान नहीं मिलता है तब अंत में निराश होकर लौट जाते हैं. समय पर नहीं मिल रहा है खतियान : लोग खतियान निकालने के लिए रिकॉर्ड रूम में चालान जमा करते हैं और उन्हें उम्मीद रहता है कि निर्धारित समय पर खतियान मिल जायेगा, लेकिन समय पर किसी व्यक्ति को खतियान नहीं मिल पा रहा है. सुबह से शाम कार्यालय का चक्कर काटने के बावजूद भी निराश लौट जाते हैं. सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को उठानी पड़ रही है, जो व्यक्ति खतियान के लिए चालान जमा कर दिये हैं और जिले से बाहर में अभी रह रहे हैं. पटना, गया या अन्य जगह से लोग चालान लेने के लिए रिकॉर्ड रूम में पहुंचते हैं लेकिन जब उन्हें निर्धारित समय पर खतियान नहीं मिलता है तब निराश होकर लौट जाते हैं. विदित हो कि जमीन के सर्वे काम में सबसे अधिक जरूरत लोगों को खतियान की होती है. उसके बाद वंशावली के साथ ही रसीद की भी आवश्यकता रहती है लेकिन खतियान की आवश्यकता अतिआवश्यक हो गया है. यही वजह है कि लोग रिकॉर्ड रूम से खतियान लेने के लिए परेशान दिख रहे हैं.
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