सदर अस्पताल में आइसीयू के लिए नहीं मिली जगह

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 25 Feb 2025 11:11 PM

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सदर अस्पताल में आइसीयू बनने पर ग्रहण लग गया है. जिला के सदर अस्पताल में आइसीयू बनना था. जिसके लिए बीएमएससआइसीएल ने टेंडर निकाला और टेंडर पास भी कर दिया. लेकिन आइसीयू के लिए सदर अस्पताल में जगह नहीं मिल पाया

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अरवल. सदर अस्पताल में आइसीयू बनने पर ग्रहण लग गया है. जिला के सदर अस्पताल में आइसीयू बनना था. जिसके लिए बीएमएससआइसीएल ने टेंडर निकाला और टेंडर पास भी कर दिया. लेकिन आइसीयू के लिए सदर अस्पताल में जगह नहीं मिल पाया. जिसके कारण योजना पर ग्रहण लग गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार मिशन 60 के तहत सदर अस्पताल को दुरुस्त करना था. जो कमियां थी उसे पूरा करना था. उसी के तहत सदर अस्पताल में आइसीयू बनाने के लिए सरकार ने पहल कि थी. मालूम हो कि अरवल जिले में किसी भी अस्पताल में आइसीयू की सुविधा नहीं है. इस कारण गंभीर मरीजों को पटना रेफर करना पड़ता है. रेफर मरीज को 65 किलोमीटर दूर एम्स, या पीएमसीएच अस्पताल तक पहुंचने में अधिकांश मरीजों की मौत हो जाती हैं. सबसे ज्यादा दिक्कत सड़क दुर्घटना, गोली लगने, जले हुए, दमा, हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मरीजों को होती है. जिन्हे त्वरित तौर पर आइसीयू में रखना अनिवार्य होता है. नहीं तो मौत होने की संभावनाएं बढ़ जाती है. आइसीयू नही रहने के कारण डॉक्टर मरीजों को लगातार रेफर कर रहे हैं. वहीं जिले के सबसे बड़े अस्पताल सदर में आइसीयू नहीं होने से गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है. एक तो यहां करोड़ों रुपये के लागत से बने आधुनिक ऑपरेशन थियेटर में शल्य चिकित्सा शुरू नहीं हो सकी है. वहीं,आइसीयू के लिए उच्चस्तरीय कक्ष चयन होने के बावजूद अब तक नही लगा है. अस्पताल भवन काफी अत्याधुनिक बन गया है. लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक संसाधन का घिर अभाव है

हर दिन रेफर होते हैं पांच से अधिक मरीज :

केवल सदर अस्पताल से 24 घंटे में पांच से अधिक मरीज इसलिए रेफर कर दिये जाते हैं कि आईसीयू की सुविधा नहीं है नाजुक हालत वाले मरीज को केवल रेफर करना ही यहां एक मात्र विकल्प है. आइसीयू के लिए जो जगह मिला था वह अस्पताल से कम से कम 60 गज की दूरी पर था. पोस्टमार्टम के बगल में पुरानी भवन में आईसीयू बनाने के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा जमीन दी गयी थी. लेकिन बीएमएसआइसीएल ने वहा बनाने से इंकार कर दिया कि यह जगह अस्पताल से दूरी पर है, अस्पताल में ही जगह चाहिए.

क्या कहते हैं अधिकारी

10 बेडों के आइसीयू के लिए बिहार सरकार के द्वारा बीएमएसआइसीएल कंपनी अस्पताल के परिसर में बनाने के लिए निविदा निकाला था, फिर से पत्र भेजा जायेगा. डॉ राय कमलेश्वरनाथ सहाय, सिविल सर्जन, अरवल

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