जहानाबाद. जिले में कोई भी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट नहीं है जिसके कारण यहां से निकलने वाला कूड़े का मैनेजमेंट नहीं हो पता है. जहानाबाद शहरी क्षेत्र में नगर परिषद जबकि घोसी मखदुमपुर और काको में नगर पंचायत का संचालन किया जा रहा है किंतु नगर परिषद या किसी भी नगर पंचायत में शहरी क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े के मैनेजमेंट के लिए कोई भी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट नहीं लगाया गया है जिसके कारण शहरी क्षेत्र से निकलने वाला कूड़ा पहले नदियों में डंप किया जाता था लेकिन बाद में उसे इधर-उधर सड़क किनारे डंप किया जाता है. प्रखंडों में तो हाल के वर्षों में नगर पंचायत का गठन किया गया है किंतु जहानाबाद शहरी क्षेत्र में नगर परिषद कई दशकों से गठित है, बावजूद इसके नगर परिषद के द्वारा भी अभी तक वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण नहीं कराया गया है, जिसके कारण जहानाबाद शहरी क्षेत्र से निकलने वाला कूड़ा वर्षों पहले नदी में डंप किया जाता था किंतु जब एनजीटी ने इस पर प्रतिबंध लगाया तो उसे शहर के विभिन्न क्षेत्र में सड़क किनारे डंप किया जाने लगा. वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट वह संयंत्र है जिसमें लोगों द्वारा फेंके गए कूड़े को अलग-अलग तरीके के कूड़े में छांट कर इसकी प्रोसेसिंग की जाती है जिसके कारण कूड़े में पाया जाने वाला विभिन्न प्रकार का कचरे को या तो किसी दूसरे काम में उपयोग कर लिया जाता है या फिर उसे नष्ट कर दिया जाता है, जिससे वातावरण में प्रदूषण नहीं फैलता है. जहानाबाद शहर में बहुत पुरानी नगर पालिका होने के बावजूद आज तक वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट नहीं लगाया जा सका है. पहले जहानाबाद शहरी क्षेत्र में इसे नगरपालिका के नाम से जाना जाता था किंतु बाद में इसे नगर परिषद का नाम दे दिया गया है. इधर-उधर फेके गए कूड़े से शहर में प्रदूषण फैल रहा है. खासकर फेके गए कूड़े के आसपास रहने वाले लोग इससे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य मार्गो से होकर गुजरने वाले लोगों को भी कूड़े के प्रदूषण का सामना करना पड़ता है. बरसात के दिनों में जब कूड़े पर बारिश होती है तो उसे बदबू आने शुरू हो जाती है जिसके कारण उसके आसपास रहना और उधर से होकर गुजरना लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है. जिले में अब तक क्यों नहीं लगा वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट : जहानाबाद शहरी क्षेत्र में वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट नहीं लगाये जाने का सबसे बड़ा कारण जमीन अनुपलब्धता है. हालत तो यह है कि फिलहाल जहानाबाद नगर परिषद को कूड़ा डंप करने के लिए ही उपयुक्त जगह नहीं मिल पा रही है. दशकों पूर्व शहरी क्षेत्र से निकलने वाला पूरा कूड़ा शहरी क्षेत्र के दरधा और जमुना नदी में डंप कर दिया जाता था. बाद के वर्षों में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी के द्वारा नदी को प्रदूषित होने से बचाने और प्रदूषण को रोकने के लिए नदियों में कूड़ा डंप किए जाने पर रोक लगा दिया. इसके बाद से नगर परिषद के द्वारा शहरी क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में सड़क के किनारे कूड़ा डंप किया जाने लगा. हालांकि एनजीटी ने पूर्व से डंप किए गए नदी के कूड़े को हटाने का भी निर्देश दिया है जिसे आज तक पूरी तरह नहीं हटाया जा सका है.
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