अरवल. जिला मुख्यालय में दर्जनों बैंक की शाखा एनएच 33 और 139 किनारे स्थित भवनों में चल रहे हैं. इन बैंक की शाखाओं के पास पार्किंग की सुविधा नहीं है. शहर में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक, आइडीबीआइ, केनरा बैंक, एक्सिस सहित अन्य कई बैंकों की शाखाएं हैं. सरकार व आरबीआइ द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, किसी भी बैंक की शाखा खोलने के लिए उसके परिसर में पार्किंग, पीने का पानी सहित अन्य सुविधा जरूरी है. ताकि बैंक कर्मियों व ग्राहकों किसी तरह की परेशानी नहीं हो सके. कुछ बैंकों के पास पार्किंग की सुविधा है फिर भी ग्राहक जल्दबाजी में बैंक के सामने गाड़ी खड़ी कर देते हैं. जिन बैंकों में पार्किंग की सुविधा नहीं है उसके अधिकारी या कर्मी और ग्राहक अपनी गाड़ी बैंक के आसपास खड़ी करते हैं. बैंक कर्मी तो प्रतिदिन सुबह दस बजे से शाम करीब पांच बजे तक अपनी गाड़ी बैंक के सामने ही खड़ी करते हैं. ग्राहक भी बैंकों के सामने काफी देर तक गाड़ी खड़ी कर लेनदेन करने के लिए बैंक चले जाते हैं. एक के बाद एक छोटी गाड़ियों को बैंक के सामने खड़ा किये जाने से उसकी कतार सड़क तक पहुंच जा रही है. जिससे जाम की समस्या हो जा रही है. ऑटो वाले भी बैंक के सामने रोककर यात्रियों को चढ़ाते-उतरते हैं. मक्का,चना,और फल के ठेले भी बैंक शाखा के आसपास लगते है. उसके बाद ग्राहक आते और अपनी बाइक खड़ी कर बैंक में काम कराने चले जाते है. जिससे सबसे ज्यादा परेशानी दिव्यांग व वृद्ध उपभोक्ताओं को होती हैं. और राहगीर भी परेशान होते है. दिव्यांग सुरेंद्र कुमार तथा वृद्ध प्रीतम खत्री ने बताया कि वह बैंक में पैसा निकालने आए हैं. दर्जनों बाइक खड़ी होने से रास्ता जाम है और सीढ़ी पतली होने के कारण बैंक में जाने में उन्हें परेशानी हो रही है. बैंक के बाहर से बाइक की होती है चोरी : मुख्यालय में बैंकों के सामने सड़क पर खड़ी बाइक चोरी की घटनाएं भी अक्सर होती रहती है. ग्राहक वाहनों को खड़ा कर पैसों का लेन-देन करने बैंक में चले जाते हैं. और चोर बाइक उड़ा ले जाते हैं. कुछ मामलों की शिकायत दर्ज करायी जाती है और कुछ की नहीं. लोगों का कहना है कि बैंक द्वारा पार्किंग का प्रबंध किया जाता तो बाइक की चोरी नहीं होती. जाम से भी लोगों को निजात मिल जाती. वहीं शहर के सभी बैंको में नागरिक सुविधाओं का अभाव है. बैंकों में न पीने के लिए पानी की सुविधा रहती है न शौचालय कीसुविधा. बैंक में जाने वाले आम नागरिकों को परेशानी होती है. वाहनों को हटाने की दिशा में नहीं की जा रही कोई पहल : आसपास के लोगों एवं दुकानदारों ने बताया कि इसी पथ से जिलाधिकारी, एसपी, एसडीओ, एसडीपीओ सहित जिले के विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी व स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, सीओ तथा बीडीओ भी प्रतिदिन आते-जाते हैं. उक्त पदाधिकारी की गाड़ी की स्पीड भी इस स्थान पर धीमी हो जाती है. इसके बाद भी इनके द्वारा बैंकों के सामने सड़क पर खड़ा किये जा रहे वाहनों को हटाने की दिशा में पहल नहीं जा रही है. इससे हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है.
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