जहानाबाद में दो वर्षों से लापता एंबुलेंस पहुंचा अस्पताल, प्रबंधन पर उठ रहे सवाल, जांच की मांग तेज
Published by : Nikhil Anurag Updated At : 13 Jun 2026 6:41 PM
लापता एंबुलेंस की हुई वापसी
Jehanabad News: शकूराबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से दो वर्षों से गायब एंबुलेंस अचानक रतनी पीएचसी पहुंच गई. मरम्मत पर 30 हजार रुपये खर्च होने के बावजूद वाहन खराब हालत में मिला. शीशे टूटे हैं और बैटरी गायब है. एंबुलेंस के निजी उपयोग और बिना रजिस्ट्रेशन चलने के आरोपों की जांच की मांग उठ रही है.
Jehanabad News: रतनी प्रखंड क्षेत्र के शकूराबाद बाजार स्थित रामाश्रय प्रसाद सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से करीब दो वर्षों से गायब एंबुलेंस गुरुवार रात अचानक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रतनी पहुंच गई. एंबुलेंस के अस्पताल पहुंचते ही इसके गायब रहने और मरम्मत के नाम पर हुए खर्च को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.
जानकारी के अनुसार एल्केम लैबोरेट्री दवा कंपनी ने स्व. नन्हामती देवी की स्मृति में जिले के कई अस्पतालों को मरीजों की सुविधा के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराई थी. इनमें से एक एंबुलेंस शकूराबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मिली थी. तकनीकी खराबी आने के बाद यह वाहन लंबे समय तक अस्पताल परिसर में खड़ा रहा और बाद में मरम्मत के नाम पर अस्पताल से बाहर चला गया. तब से यह एंबुलेंस करीब दो वर्षों तक अस्पताल से गायब रही.
मामले की जानकारी जब मीडिया तक पहुंची और स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ शुरू हुई तो किसी के पास एंबुलेंस की स्पष्ट जानकारी नहीं थी. सूत्रों के अनुसार कार्रवाई की आशंका के बाद एंबुलेंस को रातों-रात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रतनी में लाकर खड़ा कर दिया गया.
मरम्मत पर खर्च, फिर भी एंबुलेंस बदहाल
बताया जा रहा है कि एंबुलेंस की मरम्मत के नाम पर लगभग 30 हजार रुपये खर्च किए गए. इसके बावजूद वाहन की स्थिति खराब बनी हुई है. एंबुलेंस के दो शीशे टूटे हुए हैं और बैटरी भी गायब है. ऐसे में यह मरीजों के उपयोग के योग्य नहीं दिख रही है.
निजी उपयोग के आरोप
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि एंबुलेंस को जहानाबाद शहर में डीएम आवास के आसपास स्थित किसी निजी नर्सिंग होम में इस्तेमाल किया जा रहा था. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. वहीं वाहन पर अब तक नंबर प्लेट नहीं होने से भी सवाल उठ रहे हैं. आशंका जताई जा रही है कि वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया था.
जांच की बात कह रहा अस्पताल प्रबंधन
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार ने बताया कि एंबुलेंस को लगभग एक वर्ष पहले मरम्मत के लिए गैराज भेजा गया था, लेकिन बिना पूरी तरह ठीक हुए ही वापस अस्पताल पहुंची है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और वाहन की स्थिति का आकलन किया जाएगा.
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By Nikhil Anurag
मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
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