जहानाबाद में भूगर्भीय जलस्तर गिरने से सिंचाई संकट, बारिश न होने से धान की रोपनी अटकी

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बारिश नहीं होने के कारण पानी के अभाव में परीत पड़े खेत धान की फसल जिंदा रखना और खेतों में पानी जमा करने के लिए चलाया जा रहा मोटर  धान की रोपनी करते लोग | Prabhat Khabar Network

बारिश नहीं होने के कारण पानी के अभाव में परीत पड़े खेत धान की फसल जिंदा रखना और खेतों में पानी जमा करने के लिए चलाया जा रहा मोटर धान की रोपनी करते लोग | Prabhat Khabar Network

जहांनाबाद जिले में चार दिनों से बारिश न होने से किसानों की धान रोपनी और सिंचाई की समस्याएं गंभीर हो गई हैं. खेतों में पानी की कमी और भूगर्भीय जलस्तर गिरने से मोटर पंपों का जवाब दे जाना किसानों के लिए दोहरी मुसीबत बन गया है.

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Jehanabad News: जिले में पिछले चार दिनों से बारिश नहीं होने के कारण धान की रोपनी और सिंचाई को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ गई है. खेतों में पर्याप्त पानी न होने से धान की रोपनी बुरी तरह प्रभावित हो रही है. इससे पहले हुई बारिश का पानी अब खेतों से पूरी तरह सूख चुका है, जिससे उन किसानों के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है जिनकी रोपनी अभी तक नहीं हो सकी है.

गौरतलब है कि पिछले रविवार से तीन दिनों तक हुई रुक-रुक कर बारिश के बाद कई किसानों ने अपने खेतों में धान की रोपनी शुरू की थी. उस दौरान निचले इलाकों और सिंचाई के साधन वाले खेतों में तो रोपनी हो गई, लेकिन ऊंचे इलाकों के खेत बिना पानी के रह गए. जिन किसानों के खेतों के आसपास गड्ढा, तालाब या नहर थी, उन्हें तो थोड़ी राहत मिली, लेकिन बाकी किसानों के लिए बारिश का पानी पर्याप्त साबित नहीं हुआ और उन्हें मोटर पंप का सहारा लेना पड़ रहा है.

भू-गर्भीय जलस्तर गिरने से मोटर पंप भी हुए फेल

जिले के अधिकांश इलाकों में भू-गर्भीय जलस्तर (ग्राउंड वाटर लेवल) काफी नीचे चले जाने के कारण मोटर पंप भी जवाब दे रहे हैं. पानी का लेयर भाग जाने से कई किसानों के खेतों में लगे मोटर पंप से पानी निकलना बंद हो गया है, जिसके कारण किसानों को अपने मोटर पंप में अतिरिक्त पाइप जुड़वानी पड़ रही है.

सदर प्रखंड के लोदीपुर निवासी किसान राकेश कुमार ने बताया कि धरती में पानी का लेयर नीचे जाने से उनका मोटर पंप फेल हो गया था. सिंचाई के लिए उन्हें अपने मोटर में 15 फीट अतिरिक्त पाइप जुड़वानी पड़ी, जिसके बाद ही पानी निकल सका. इसके बावजूद लगातार मोटर चलाना संभव नहीं हो पाता है. कुछ घंटे चलाने के बाद पानी आना कम हो जाता है, जिसके बाद मोटर को 2 घंटे बंद रखकर दोबारा चलाना पड़ता है.

धान की रोपनी और फसल को जिंदा रखने की चुनौती

बारिश न होने के कारण किसानों के सामने दोहरा संकट खड़ा हो गया है. जिन खेतों में धान की रोपनी हो चुकी है, वहां फसल को सूखने से बचाने और जिंदा रखने के लिए पार्ट वन (सिंचाई) करना पड़ रहा है. वहीं दूसरी ओर जिन खेतों में अभी रोपनी नहीं हुई है, वहां मोटर पंप चलाकर पानी जमा किया जा रहा है ताकि कीचड़ बनाकर रोपनी की जा सके.

शहर में भी गहराया जल संकट, निजामुद्दीनपुर में 10 दिनों से नल-जल ठप

जलस्तर नीचे गिरने का असर सिर्फ खेती-किसानी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शहरी आबादी भी इससे प्रभावित हो रही है. जहानाबाद शहर के निजामुद्दीनपुर मोहल्ले में पानी का लेयर नीचे चले जाने के कारण नल-जल आपूर्ति केंद्र से पिछले 10 दिनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है. पेयजलापूर्ति ठप होने से नाराज मोहल्ले के लोगों ने शनिवार को एनएच 33 पर सड़क जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया था.

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