Jehanabad : किसानों ने डीलर पर सरकारी दर से अधिक मूल्य वसूलने का लगाया आरोप

Edited by MINTU KUMAR
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शनिवार को हुलासगंज प्रखंड स्थित कृषि भवन में बीज वितरण के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जिससे किसानों के बीच नाराजगी और हंगामा बढ़ गया. किसान आरोप लगा रहे हैं कि डीलर द्वारा सरकारी दर से अधिक कीमत वसूली जा रही है, जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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हुलासगंज . शनिवार को हुलासगंज प्रखंड स्थित कृषि भवन में बीज वितरण के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जिससे किसानों के बीच नाराजगी और हंगामा बढ़ गया. किसान आरोप लगा रहे हैं कि डीलर द्वारा सरकारी दर से अधिक कीमत वसूली जा रही है, जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. घटना के दौरान बीज लेने आए किसानों ने बताया कि 8 किलो चने के बीज का सरकारी मूल्य 330.24 रुपये था, जबकि उनसे 335 रुपये वसूला गया. इसी तरह, 16 किलो मसूर का सरकारी मूल्य 430 रुपये था, लेकिन डीलर ने 435 रुपये लिया. इस प्रकार के आरोपों के बीच किसानों ने डीलर पर मनमानी करने का आरोप लगाया. शिकायत करने वाले किसानों में राजेश कुमार (ग्राम जारू), विकास कुमार (ग्राम बौरी), और बीरबल शर्मा (ग्राम खुदोरी) का नाम प्रमुख था. किसानों की शिकायतों के बाद प्रखंड कृषि पदाधिकारी राहुल कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया. हालांकि, डीलर ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि वह सरकारी दर पर ही बीज वितरित कर रहा है और किसानों के आरोप गलत हैं. किसानों ने इसके बावजूद जांच की मांग की और कहा कि अगर मौके पर जांच की जाए तो सच्चाई सामने आ जायेगी. प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन : कृषि पदाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि बीज वितरण में अव्यवस्था बढ़ी हुई भीड़ की वजह से हुई थी. उन्होंने कहा कि मूल्य संबंधी शिकायतों को उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है और यदि डीलर की कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा, भविष्य में पंचायतवार अलग-अलग दिन पर बीज वितरण की प्रक्रिया अपनाई जायेगी ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके. राहुल कुमार ने कहा, “हमारी कोशिश रहेगी कि बीज वितरण अधिक से अधिक वास्तविक किसानों तक पहुंचे, ताकि सरकारी अनुदान राशि का सही उपयोग हो सके. किसानों ने बताया कि एक ही परिवार के कई सदस्य बीज ले रहे थे, जबकि कई जरूरतमंद किसान बिना बीज के वापस लौट रहे थे. इस पर उन्होंने रोक लगाने की मांग की. कृषि अधिकारी ने कहा कि रजिस्टर्ड किसानों को बीज दिया जा सकता है, लेकिन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए वितरण प्रणाली में सुधार किया जायेगा. इस प्रकार की अव्यवस्था और समस्याओं के बीच प्रशासन ने इस मुद्दे पर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है और आगामी चरणों में बीज वितरण प्रणाली में सुधार की योजना बनाई जा रही है.

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