मौत के मुंह से वापसी: गंभीर रूप से घायल मरीज को फोर्ड हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बचाया, चार दिन में मरीज को आया होश

Updated:
विज्ञापन
Ford Hospital

फोर्ड हॉस्पिटल

बिहार के जहानाबाद के एक युवक को पटना के फोर्ड हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने मौत के मुंह से बचा लिया. हादसे में उसे कई चोटें आई थीं और वह बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचा था.

विज्ञापन

दुर्घटना में परवेज अख्तर (बदला हुआ नाम) की मल्टीपल इंज्युरी हो गई थी. वो बेहोशी और शॉक की हालत में हॉस्पिटल आया. यहां उसका ब्लड प्रेशर रिकार्ड नहीं हो पा रहा था. युवक मौत के करीब पहुंच चुका था, लेकिन पांच दिनों के जद्दोजहद के बाद फोर्ड हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उसे बचा लिया. अब मरीज खतरे से बाहर है.

इलाज कर रहे डॉक्टरों की टीम के सदस्य न्यूरो सर्जन डॉ. धीरज कुमार के अनुसार, मरीज को ब्रेन, हाथ-पैर (लिंब) और छाती में गंभीर चोटें आई थीं। छाती में चोट के कारण हवा पूरे शरीर में फैल गई थी, जिसे चिकित्सकीय भाषा में सर्जिकल एम्फायसेमा कहा जाता है. इस स्थिति में मौत लगभग तय होती है. चेस्ट के सीटी स्कैन में फेफड़ों में गंभीर क्षति की पुष्टि हुई. लेकिन तत्परता दिखाते हुए मरीज की जान बचाने के लिए तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और ब्लड प्रेशर शुरू करने के लिए आवश्यक दवाएं दी गईं. छाती में ट्यूब डाला गया और संक्रमण से बचाव के लिए हाई एंटीबायोटिक शुरू की गई. साथ ही शरीर के विभिन्न अंगों को सक्रिय रखने के लिए विशेष दवाएं दी गईं.

इसके परिणामस्वरूप मरीज को चौथे दिन होश आ गया. अब मरीज खतरे बाहर है. मरीज की हालत स्थिर है और वह स्वयं खाना-पीना कर रहा है. यह एक चुनौतीपूर्ण केस था, जिसमें समय पर सही उपचार और टीमवर्क से मरीज की जान बचाई जा सकी. मरीज की जान बचानेवालों में क्रिटिकल केयर डॉ शिवशंकर, जेनरल सर्जन डॉ प्रभात रंजन, चेस्ट एवं कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ मनमोहन सिंह एवं क्रिटिकल केयर टीम रही.

फोर्ड हॉस्पिटल के डायरेक्टर और जेनरल सर्जन संतोष कुमार ने बताया कि लगातार मॉनिटरिंग और डॉक्टरों की टीम की कड़ी मेहनत से मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा. इतना गंभीर मरीज की जान बचाने के लिए हमारे डॉक्टर बधाई के पात्र हैं. मरीजों के इलाज में आगे भी ऐसी ही तत्परता बनी रहेगी, यह हम वादा करते हैं.

विज्ञापन
अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : [email protected]

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन