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परिवार ने किया इनकार, प्यार ने रची मिसाल! बिहार में CISF जवान ने प्रेमिका संग मंदिर में ली सात फेरे

Updated at : 26 Feb 2025 3:34 PM (IST)
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cisf jawan marriage| CISF jawan marries girlfriend in temple in Bihar

अपनी पत्नी के साथ CISF जवान

Bihar News: जहानाबाद के दक्षिणी सूर्य मंदिर में प्रेम की अनोखी मिसाल देखने को मिली. उत्तराखंड में तैनात CISF जवान यशवंत सिंह और गया की प्रीति कुमारी ने परिवार के विरोध के बावजूद शादी कर ली. आठ महीने पहले शुरू हुई इस प्रेम कहानी में कई बाधाएं आईं, लेकिन अंततः दोनों ने समाज की बंदिशों को दरकिनार कर सात फेरे लिए.

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Bihar News: बिहार के जहानाबाद के ऐतिहासिक दक्षिणी सूर्य मंदिर में प्रेम की एक नई कहानी लिखी गई. उत्तराखंड में तैनात CISF जवान यशवंत सिंह और गया की प्रीति कुमारी ने समाज की बंदिशों को दरकिनार करते हुए शादी रचा ली. इस अनोखी शादी के साक्षी बने उनके दोस्त और ग्रामीण, जिन्होंने प्रेम और साहस का यह अद्भुत संगम देखा.

जब परिवार ने किया इनकार, प्रेम ने पाया रास्ता

यशवंत और प्रीति की कहानी आठ महीने पहले शुरू हुई थी, जब यशवंत अपने पिता से मिलने गया आए थे. पहली ही मुलाकात में दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे. लेकिन जब शादी की बात आई, तो प्रीति के परिवार ने विरोध कर दिया. हैरानी की बात यह थी कि दोनों एक ही जाति के थे, फिर भी घरवालों ने इस रिश्ते को नामंजूर कर दिया.

परिवार ने प्रीति की शादी कहीं और तय करने की कोशिश की, लेकिन प्रेम के आगे बंदिशें कहां टिक पाती हैं? प्रीति ने साफ इनकार कर दिया और यशवंत के साथ जीवन बिताने का फैसला किया.

मंदिर में रचाई शादी, बोले- प्यार में डरना कैसा?

यशवंत छुट्टी लेकर अपने दोस्तों के साथ जहानाबाद पहुंचे, जहां दक्षिणी सूर्य मंदिर में सात फेरे लेकर दोनों ने अपने प्यार को अमर कर दिया. शादी के बाद दोनों बेहद खुश नजर आए. यशवंत ने कहा, “हमने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया था. परिवार की मंजूरी नहीं मिली, लेकिन प्यार में डरने की जरूरत नहीं.”

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समाज के लिए संदेश

यह शादी सिर्फ दो दिलों का मिलन नहीं, बल्कि समाज के बंधनों को तोड़ने की मिसाल भी है. यशवंत और प्रीति ने साबित कर दिया कि जब प्यार सच्चा हो, तो कोई दीवार उसे रोक नहीं सकती.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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