Jehanabad News : शांति भंग करने या प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने जैसी गतिविधियां मानी जायेंगी दंडनीय अपराध : डीएम
Published by : SHAH ABID HUSSAIN Updated At : 13 Nov 2025 10:11 PM
मतगणना दिवस को लेकर जिले में पूर्ण सुरक्षा, शांति और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिये हैं.
अरवल. विधानसभा निर्वाचन के अंतर्गत 14 नवंबर को निर्धारित मतगणना दिवस को लेकर जिले में पूर्ण सुरक्षा, शांति और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिये हैं. जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर अरवल जिले में विशेष विधि-व्यवस्था लागू कर दी है. इस प्रावधान के तहत किसी भी व्यक्ति द्वारा शांति भंग करने, अवैध जमावड़ा करने, हिंसक गतिविधियों में शामिल होने या प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने जैसी गतिविधियों को दंडनीय अपराध माना जायेगा. मतगणना दिवस पर जिले के काउंटिंग सेंटर के चारों ओर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गयी है. भीतरी, मध्य और बाहरी सुरक्षा घेरा बनाते हुए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और विशेष निगरानी दल तैनात किये गये हैं. धारा 163 के तहत अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित रहेगा और मतगणना केंद्र तथा स्ट्रांग रूम परिसर के आसपास किसी भी प्रकार का राजनीतिक जमावड़ा, जुलूस, नारेबाजी या सामूहिक गतिविधि सख्ती से प्रतिबंधित रहेगा. जिला प्रशासन ने जिले के सभी शिक्षण संस्थान, विद्यालय, महाविद्यालय और कोचिंग संस्थानों को 14 नवंबर को पूर्ण रूप से बंद रखने का निर्देश जारी किया है. इसका उद्देश्य मतगणना से संबंधित कार्यों को निर्बाध रूप से संपन्न कराना और शांति व्यवस्था बनाए रखना है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों से दूर रहें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूर्ण रूप से सजग और तत्पर है. सभी अधिकारी और कर्मी अपने स्तर पर सक्रिय हैं ताकि मतगणना दिवस शांतिपूर्ण, सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण में संपन्न हो. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आदर्श आचार संहिता 16 नवंबर तक प्रभावी रहेगी और इस अवधि में सभी राजनीतिक दल, प्रत्याशी एवं जनप्रतिनिधि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है. प्रेस नोट की घोषणा तक किसी भी प्रकार की प्रचार गतिविधि, विजय जुलूस या सार्वजनिक आयोजन प्रतिबंधित रहेगा. जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस अवधि में सतर्कता बनाए रखें और निर्वाचन से संबंधित सभी कार्यों को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ पूरा करें.
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