प्रभात खबर हास्य कवि सम्मेलन में देर रात तक गूंजते रहे ठहाके, सांस आती रही, सांस जाती रही...

By Prabhat Khabar Digital Desk
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जहानाबाद (नगर): हास्य और व्यंग्य के रोमांचक माहौल के बीच गांधी मैदान में गुरुवार को प्रभात खबर द्वारा आयोजित हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार, उपविकास आयुक्त रामरूप प्रसाद, एसडीओ डॉ नवल किशोर चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इससे पूर्व देश भर से आये नामचीन कवियों का जोरदार स्वागत प्रभात खबर परिवार के साथ श्रोताओं द्वारा किया गया.

कवियों के मंच पर आते ही दर्शक दीर्घा में बैठे श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया. कार्यक्रम की शुरुआत कवयित्री पद्मिनी शर्मा ने सरस्वती वंदना से की. उन्होंने मधुर स्वर से सरस्वती की वंदना कर लोगों का मन मोह लिया. मुंबई से आये कवि दिनेश बावरा ने सभी कवियों का परिचय कराया. उन्होंने अपने लच्छेदार व्यंग्य व हास्य के बीच श्रोताओं के साथ संपर्क स्थापित करते हुए कहा कि यहां के श्रोता बेस्ट हैं.

उन्होंने कवयित्री पद्मिनी शर्मा को ताजमहल का खिताब देते हुए कहा कि ये जब चुप रहती हैं तो राधा के समान होती हैं और जब इनका रौद्र रूप होता है, तो दुर्गा के समान होती हैं. उन्होंने कहा कि आज भाग-दौड़ भरी जिंदगी में लोगों के चेहरे से मुस्कान गायब होती जा रही है. लोगों को हंसने का मौका नहीं मिल पाता है. इससे जिंदगी सिकुड़ती जा रही है. लोगों की उम्र कम होती जा रही है. कार्यक्रम के दौरान मौजूद हास्य कवि सम्मेलन के आयोजन में सहयोग करनेवाले पलन जी के सुधीर कुमार केशरी, क्री स्टेट जन आवासीय योजना के रंजीत कुमार सिंह, स्टाइल मार्ट के विमलेश सिंह, किलर के अविनाश शर्मा, प्रोग्रामिंग क्लासेस के मुकेश कुमार, आलोक अपार्टमेंट के आलोक कुमार, आरोग्य हॉस्पिटल के अमरेश कुमार, ब्रांड स्पोट के रामशिया शर्मा, स्वास्तिक किड्स के सतेंद्र कुमार को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. हजारों श्रोताओं की भीड़ और लोगों के उत्साह के बीच इस कार्यक्रम में पहुंचे प्रसिद्ध कवि अशोक सुंदरानी, अशोक चारण, दिलीप दूबे द्वारा लोगों को हास्य और व्यंग्य की अनोखी दुनिया में ले जाया गया. कार्यक्रम के दौरान श्रोता ठहाकों से लोट-पोट होते रहे. कार्यक्रम में जिले के सभी वरीय पदाधिकारी, न्यायिक पदाधिकारी, शिक्षाविद, बुद्धिजीवी के अलावा हजारों की संख्या में शहरवासी मौजूद रहे. कार्यक्रम में पहुंचे देश के ख्याति प्राप्त कवि दिनेश बावरा, अशोक सुंदरानी, पद्मिनी शर्मा, अशोक चारण, दिलीप दूबे द्वारा एक से बढ़ कर एक काव्य और हास्य व्यंग्य के माध्यम से दर्शकों को सराबोर कर दिया गया. कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला. सभी लोगों ने इस आकर्षक कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया.

ये हैं आयोजक : प्रभात खबर द्वारा आयोजित हास्य कवि सम्मेलन के आयोजन में सहयोगी के रूप में पलन जी के सुधीर कुमार केशरी, क्री स्टेट जन आवासीय योजना के रंजीत कुमार सिंह, स्टाइल मार्ट के विमलेश सिंह, किलर के अविनाश शर्मा, प्रोग्रामिंग क्लासेस के मुकेश कुमार, आलोक अपार्टमेंट के आलोक कुमार, आरोग्यम हॉस्पिटल के अमरेश कुमार, ब्रांड स्पोट के रामशिया शर्मा, स्वास्तिक किड्स के सतेंद्र कुमार शामिल हैं.

मेरे मन में इस बात की बहुत बड़ी टीस है...

जहानाबाद. हास्य कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आये राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय हास्य व्यंग्य के कवियों की कविताओं की बौछार से श्रोता देर रात तक सराबोर होते रहे. बीच-बीच में हंसी के ठहाके और फुलझरियां छूटती रहीं. दिनेश बावरा ने कवि सम्मेलन में संचालक की भूमिका निर्वहन करते हुए मां सरस्वती की वंदना के लिए पद्मिनी शर्मा को आमंत्रित किया. कानपुर से आये हास्य कवि दिलीप दूबे ने स्टेज संभालते ही दिल को छू लेनेवाली कविता कही. उन्होंने कहा- मेरे मन में इस बात की बहुत बड़ी टीस है, छोटे-छोटे कॉलेजों की भी बड़ी-बड़ी फीस है. माना कि शिक्षा की अंधी दौड़ ने अंधा बना दिया है, लेकिन इस देश में कुछ लोगों ने धंधा बना दिया है. मध्यप्रदेश सतना से आये अशोक सुंदरानी ने कहा- हम आशिकों पर ही पड़ कर बहुत खुश थे, आपने फिर क्यों हमे भ्रष्ट नेताओं पर चला दिया. दिल्ली से आयी कवयित्री पद्मिनी शर्मा ने शृंगार रस की कविता की प्रस्तुति कर पूरे वातावरण को मादक बना दिया. जब उन्होंने सुनाया- सांस आती रही सांस जाती रही, मैं तेरे नगमों को गुनगुनाती रही को श्रोताओं ने जम कर सराहा. इसके बाद राष्ट्र चेतना के स्वर जयपुर से आये अशोक चारण ने अपनी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं में इतना जोश भर दिया कि भारत माता की जय का नारा लगने लगा. उन्होंने कहा कि मेरी लाश को मिले तिरंगा, मर कर भी जी जाऊंगा से पूरे गांधी मैदान में देशप्रेम का भाव जागृत हो गया. हास्य कवि सम्मेलन का संचालन कर रहे दिनेश बावरा ने अपने संचालकिय कौशल के अलावा देशप्रेम से संबंधित कविताएं प्रस्तुत कीं. जब उन्होंने सुनाया कि कहीं नक्सल तो कहीं पत्थरबाजों से परेशान हैं, भाई साहब ये कैसे कहूं कि 21वीं सदी का हिंदुस्तान है, इस फिक्र में नींद नहीं आये, सुख में कैसे रहूं जब सुकमा हो जाये, जवान और किसान की हथेली पर जान है, भाई साहब ये कैसे कहूं कि 21 वीं सदी का हिंदुस्तान है. कार्यक्रम के दौरान शहरवासियों की आवभगत से भावविभोर होते हुए सम्मेलन के संचालक दिनेश बावरा ने कहा कि जहानाबाद के लोग इसके लिए बधाई के पात्र हैं.

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