अवैध वेंडर बने जी के जंजाल

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समस्या पटना- गया रेल मार्ग पर सैकड़ों की तादाद में चलते हैं अवैध वेंडर जहानाबाद : रेलवे द्वारा यात्रा के दौरान यात्रियों को होनेवाली परेशानी को दूर करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. लेकिन पटना- गया रेल मार्ग पर ट्रेनों में चल रहे यात्रियों के लिए अवैध वेंडर जी का जंजाल […]

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समस्या पटना- गया रेल मार्ग पर सैकड़ों की तादाद में चलते हैं अवैध वेंडर

जहानाबाद : रेलवे द्वारा यात्रा के दौरान यात्रियों को होनेवाली परेशानी को दूर करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. लेकिन पटना- गया रेल मार्ग पर ट्रेनों में चल रहे यात्रियों के लिए
अवैध वेंडर जी का जंजाल बना है. त्योहार के मौसम बीतने एवं लग्न शुरू होने के मौके पर ट्रेनों में यात्रियों की
बढ़ी भीड़ के कारण यात्रा के दौरान यात्री पसोपेश में यात्रा करने को
मजबूर हैं. कसमकश में पटना- गया रेलमार्ग में यात्रा कर रहे यात्री को अवैध वेंडर से आम यात्री को ट्रेन में कुछ सहूलियत तो होती है लेकिन उससे ज्यादा सैकड़ों की तादाद में ट्रेन के अंदर चल रहे अवैध वेंडर से मुश्किल पैदा होती है.
भीड़-भाड़ के कारण ट्रेन में सवार यात्रियों को यात्रा के दौरान खड़ा रहने में भी काफी मुश्किल होती है. पटना से गया के सौ किलोमीटर की दूरी तय करने में यात्रियों को सुखद यात्रा में बट्टे के समान नजर आता है. कठिनाई भरी यात्रा के दौरान अवैध वेंडर से होनेवाली परेशानी के कारण यात्रियों से कभी- कभार बकझक भी होती है. लेकिन वेंडरों की अधिक संख्या
बल रहने के कारण यात्री अपने
आपको चुप रखने में ही भलाई
समझते हैं. प्रभु जी के रेल में बिना
नाम पता का चल रहा कथित ठेका
ऐसा नहीं की रात के अंधेरे या चुपके
चोरी चल रहा है बल्कि दिन के उजाले में चलने वाला यह धंधा से रेल
प्रशासन के ओहदेदार पदाधिकारी का भी अप्रत्यक्ष रूप से हाथ रहता है.
रेल के प्रशासनिक विभाग के
अधिकारी मामले से अंजान बन भले
ही पल्ला झाड़ लेते हैं लेकिन ट्रेन में आये दिन वर्षों से चल रहा इस कथित ठेका से महीनों में लाखों रुपये की वसूली होती है. सबसे अहम बात यह है कि इस काली कमाई में व धंधे के संचालक को सुचारु रूप से गति देने में कुछ खास लोगों का नेटवर्क काम करता है.
जो ट्रेन में चल रहे अवैध वेंडर से रुपया वसूल मुख्य व्यक्ति तक पहुंचाते हैं. वसूली के एवज में व्यक्ति को दिन भर का मजदूरी दिया जाता है. कथित ठेकेदार महीनों का बंधा बंधाया रकम प्रशासनिक तंत्र के पास पहुंचा धंधे से मोटी कमाई करता है.
कथित ठेकेदारी से होती है लाखों की कमाई
स्वास्थ्य से होता है खिलवाड़
ट्रेन में चल रहे अवैध वेंडर यात्रा के समय जी जान का दुश्मन बन यात्री के माथे पर सवार रहते हैं. ट्रेनों में बेचे जा रहे खाद्य सामग्री की शुद्धता एवं वजन पर यकीन करना यात्रियों को मुश्किल होता है. तेलीय खाद्य सामग्री समोसा, तिलकुट जैसे कई ऐसे पदार्थ हैं, जो बाजार रेट से कम दाम में ट्रेन पर उपलब्ध कराया जाता है. ऐसे में सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि खाद्य पदार्थ की गुणवता के साथ कहीं- न- कहीं कोई खिलवाड़ जरूर हो रही है. खाद्य पदार्थ व तेलीय पदार्थ चलती ट्रेनों में खुले में बिकने से धूल तो पड़ता ही है,
साथ ही बच्चे, बूढ़े व वयस्क के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.इस संबंध में रेलवे सुरक्षा बल के इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह ने बताया कि अवैध वेंडर के खिलाफ अभियान चला कर कई वेंडरों को पकड़ जुर्माना कर जेल भेजा जा चुका है. आगे भी यह अभियान जारी रहेगा.
यात्रा के दौरान यात्रियों को होती है परेशानी
लोगों के स्वास्थ्य से होता है खिलवाड़
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