युवकों में गांजे की लत बढ़ी

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बुरी अादत. शराब बंदी के बाद नशेड़ियों में गांजे के प्रति बढ़ा आकर्षण खैनी-पान की गुमटियों से उपलब्ध कराया जाता है गांजा विभिन्न चौक-चौराहों पर चोरी छिपे बेचे जा रहे हैं नशीले पदार्थ जहानाबाद : एक पुरानी कहावत है. तू डाल-डाल तो मैं पात-पात. कुछ ऐसी ही कहावत चरितार्थ हो रही है शहर के विभिन्न […]

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बुरी अादत. शराब बंदी के बाद नशेड़ियों में गांजे के प्रति बढ़ा आकर्षण

खैनी-पान की गुमटियों से उपलब्ध कराया जाता है गांजा
विभिन्न चौक-चौराहों पर चोरी छिपे बेचे जा रहे हैं नशीले पदार्थ
जहानाबाद : एक पुरानी कहावत है. तू डाल-डाल तो मैं पात-पात. कुछ ऐसी ही कहावत चरितार्थ हो रही है शहर के विभिन्न स्थानों में. 5 अप्रैल से पूरे राज्य में शराब बंदी कानून लागू हुआ. प्रशासन द्वारा इसका सख्ती से पालन किये जाने से घबराकर नशे का सेवन करने वाले लोगों ने दूसरा रास्ता अख्तियार कर लिया है. वैसे तो शहर में गांजा पीने वालों की बड़ी तादाद रही है लेकिन शराब की बिक्री बंद हो जाने के बाद नशेड़ियों में गांजा पीने के प्रति आकर्षण बढ़ा है.
खासकर कई नवयुवक ऐसे हैं जिनमें गांजा पीने की लत लग गयी है. इससे उनके स्वास्थ्य पर तो प्रतिकूल असर पड़ ही रहा है उनका भविष्य भी चौपट हो रहा है. घर का कामकाज और पढ़ाई छोड़कर बड़ी संख्या में युवक गांजा पीने के लिए सुबह से ही सुनसान स्थान की राह पकड़ लेते हैं. रेलवे लाइन, दरधा पुल, विशुनगंज मुहल्ला, स्टेशन परिसर, राजाबाजार, बतिस भंभरिया और काको मोड़ बस स्टैंड के समीप अक्सर गांजा पीते लोगों को देखा जा सकता है. ऐसे नशेड़ियों को शहर के विभिन्न स्थानों की गुमटियों से सुलभ ढंग से गांजा उपलब्ध हो जाता है.
पुड़िया के अलावा सिगरेट में भरकर बेचा जाता है गांजा : गांजे का अवैध कारोबार करने वाले लोग उसकी बिक्री करने का तरीका अलग तरह से रखे हुए हैं. जेनरल स्टोर के अलावा खैनी और पान गुमटियों में पुड़िया में पैक और सिगरेट में भरा गांजा नशे के आदी लोगों को आसानी से उपलब्ध कराया जाता है. प्राप्त खबर के अनुसार इस अवैध धंघे में लिप्त लोग मात्रा के अनुसार पुड़िया बनाकर बीस रुपये से लेकर एक सौ रुपये तक की दर से गांजे की बिक्री कर रहे हैं. इसके अलावा सिगरेट में भरा हुआ गांजा प्रति सिगरेट बीस रुपये की दर से बेचा जा रहा है.
भांग का भी लोग सेवन कर रहे हैं. शहर के मलहचक मोड़ के समीप, सदर अस्पताल के बगल में और शिवाजी पथ में पीसे हुए भांग और भांग के शर्वत की खुलेआम बिक्री की जा रही है. शहर का कई प्रमुख इलाका ऐसा है जहां गांजे का अवैध धंधा फल-फूल रहा है. धार्मिक स्थलों के आस-पास गंजेड़ियों की भीड़ लगी रहती है.
किशोरावस्था के लड़के हैं धंधे में शामिल : गांजे का अवैध कारोबार करने वाले लोग कम उम्र के लड़कों को उक्त धंधे में शामिल कर उनका जीवन बरवाद कर रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि जिस स्थान पर गुमटियों में गांजा बेचा जाता है उसके आस-पास कुछ वैसे लड़कों को रखा जाता है जिसका एकमात्र काम पुलिस की गतिविधि पर नजर रखना और घूम घूमकर पुड़िया बंद गांजा ग्राहकों तक पहुंचाने का होता है. इसके एवज में लड़कों को कुछ रुपये दिये जाते हैं. सुबह हो या शाम गांजे का अवैध धंधा बदस्तूर जारी है. स्टेशन रोड में तो कई ऐसे नशेड़ी हैं जो दिन भर गांजे का सेवन करते हैं.
इन स्थानों पर होती है बिक्री : काको मोड़, बस स्टैंड, स्टेशन परिसर, स्टेशन रोड, राजाबाजार, अरवल मोड़, शिवाजी पथ रोड, मलहचक मोड़, बतीस भंभरिया मोड़, अम्बेडकर चौक
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