बिना नक्शा पास कराये शहर में बन रहीं कॉलोनियां, कई सुविधाएं नदारद
Updated at : 06 Sep 2019 12:58 AM (IST)
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जहानाबाद : शहरी इलाके में आबादी तेजी से बढ़ रही है. बिना नक्शा पास कराये नये-नये मकान बन रहे हैं और नयी कॉलोनियां बस रही हैं. इन नयी कॉलोनियों में लोग खेतों के बीच मकान तो बना ले रहे हैं, पर नागरिक सुविधाओं का वहां घोर अभाव है. शहर के एसएस काॅलेज और धनगावां की […]
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जहानाबाद : शहरी इलाके में आबादी तेजी से बढ़ रही है. बिना नक्शा पास कराये नये-नये मकान बन रहे हैं और नयी कॉलोनियां बस रही हैं. इन नयी कॉलोनियों में लोग खेतों के बीच मकान तो बना ले रहे हैं, पर नागरिक सुविधाओं का वहां घोर अभाव है. शहर के एसएस काॅलेज और धनगावां की तरफ नगर पर्षद क्षेत्र में खाली पड़ी जमीन पर तेजी से मकान बन रहे हैं.
जाफरगंज और एसएस काॅलेज जाने वाली सड़क के दोनों ओर वहीं आंबेडकर छात्रावास और डीएवी के जाने वाले रास्ते में नये मकान बन रहे हैं. ये मकान थोड़ी-थोड़ी दूरी पर खेतों के बीच बने हैं. इनमें न तो सड़क जाती है और न ही पेयजल की पाइप. लोगों ने घरों तक किसी तरह बिजली के तार पहुंचाकर मीटर का कनेक्शन ले लिया है.
आने-जाने के लिए खेतों के बीच बनी पगडंडियों या कच्चे रास्ते का प्रयोग किया जाता है. आंबेडकर छात्रावास के पास मकान बनाकर रह रहे ब्रजेश कुमार, मनीष कुमार कहते हैं कि गली और नाली न होने के कारण काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. व्यक्तिगत प्रयासों द्वारा बिजली विभाग ने तार तो पहुंचा दिया, लेकिन अन्य सुविधाएं नहीं हैं.
तेजी से बस रहा शहर, सो रहा नगर पर्षद
एसएस काॅलेज, साईं मंदिर और जाफरगंज से धनगावां जाने वाली सड़क के आसपास शहरी आबादी में तेजी से वृद्धि हो रही है. जाफरगंज मुहल्ले के बाद द्वारिका पूरम कॉलोनी में सैकड़ों मकान बन गये हैं.
वहीं सड़क किनारे व्यावसायिक उद्देश्यों से मकान बनाये जा रहे हैं, जिनमें गोदाम, मुर्गी फार्म, अलमीरा फैक्ट्री आदि हैं. वहीं साईं मंदिर के पास कई आवासीय मकान लोगों द्वारा बनाये गये हैं. आने वाले एक-दो सालों में हजारों मकान इन इलाकों में देखते ही देखते खड़े हो जायेंगे, लेकिन इस विकास को नियंत्रित करने की नगर पर्षद की कोई पहल नहीं दिख रही है. एक बार जब मकान बेतरतीब ढंग से बन जायेंगे.
उसके बाद गली नाली और पेयजल की पाइप पहुंचाने के लिए नगर पर्षद को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी. जब तक गली और जल निकासी का नक्शा पास नहीं हो जाता है, तब तक नगर पर्षद को नयी कॉलोनी बसने पर रोक लगानी चाहिए. परंतु ऐसा हो नहीं रहा और शहर चारों तरफ इसी ढंग से बढ़ रहा है. आने वाले समय में ऐसे कॉलोनी के निवासियों तक सुविधाएं पहुंचाने में काफी दिक्कतें होनी वाली हैं.
क्या कहते हैं वार्ड पार्षद
जहां-तहां खेतों के बीच बन रहे मकानों में जब तक गली या सड़क के लिए जमीन की मापी नहीं होगी, तब तक गली निर्माण करवाना मुश्किल है. वहीं बिना योजना के जल निकासी और जलापूर्ति की सुविधा हर घर तक पहुंचाने में दिक्कत होगी. नगर बोर्ड की अगली बैठक में साईं मंदिर के आसपास बस रही कॉलोनियों में सुविधाओं के लिए प्रस्ताव दिया जायेगा.
ममता देवी, वार्ड पार्षद, वार्ड नं 33
क्या कहते हैं पदाधिकारी
शहर में बस रही नयी कॉलोनियों का सर्वेक्षण कर नगर पर्षद द्वारा सुविधाएं पहुंचाने का काम किया जायेगा. लोगों में जागरूकता की कमी के कारण बिना सड़क, गली और नाली के लिए जगह देने की परवाह किये बिना खाली जगहों में मकान बना देते हैं जिसके कारण बाद में काफी दिक्कतें आती हैं. नक्शे के अनुसार सड़क और नाली के लिए जगह छोड़ना अनिवार्य है.
मुकेश कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद, जहानाबाद
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