ईंट उद्योग पर लगा ग्रहण, एक साल के अंदर 18 भट्ठे हुए बंद
Author Prabhat khabar digital desk
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जहानाबाद : जिले में ईंट उद्योग पर ग्रहण लगता दिख रहा है. ईंट उद्योग अब लोगों के लिए घाटे का व्यवसाय बनता जा रहा है. साथ ही खनन विभाग के नये नियमों का भी असर ईंट उद्योगों पर व्यापक पड़ रहा है. परिणामस्वरूप जिले में एक साल के अंदर 18 ईंट भट्ठे बंद हो गये. […]
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जहानाबाद : जिले में ईंट उद्योग पर ग्रहण लगता दिख रहा है. ईंट उद्योग अब लोगों के लिए घाटे का व्यवसाय बनता जा रहा है. साथ ही खनन विभाग के नये नियमों का भी असर ईंट उद्योगों पर व्यापक पड़ रहा है. परिणामस्वरूप जिले में एक साल के अंदर 18 ईंट भट्ठे बंद हो गये.
विदित हो कि जिले में दो साल पूर्व 141 ईंट भट्ठों का संचालन हो रहा था तथा एक साल पूर्व तक 131 भट्ठाें का संचालन हो रहा था लेकिन एक साल के अंदर ही 18 भट्ठा बंद हो गया. वर्तमान समय में जिले में 113 ईंट भट्ठाें का संचालन हो रहा है.
इसमें भी 24 ईंट भट्ठे ऐसे हैं जो अब तक खनन विभाग में आंशिक रूप में रॉयल्टी टैक्स जमा कर पाये हैं. रॉयल्टी टैक्स जमा नहीं करने पर खनन विभाग द्वारा 24 ईंट भट्ठाें पर प्राथमिकी दर्ज भी करायी गयी है. घाटे में चल रहे ईंट व्यवसाय का ही परिणाम है कि ईंट भट्ठा संचालक समय पर विभाग में रॉयल्टी टैक्स जमा नहीं कर पा रहे हैं.
नये नियमों का पड़ रहा है असर : खनन विभाग द्वारा जारी नये नियमों का असर ईंट भट्ठा पर पड़ रहा है. विभाग द्वारा जगजैग सिस्टम के द्वारा ईंट भट्ठा के संचालन करने का निर्देश जारी किया था. इसके तहत चिमनी भट्ठे में कोयला डालने पर हवा में ही वाष्प निकलने का प्रावधान है. इससे प्रदूषण नहीं फैलता है.
विभाग द्वारा इसे कड़ाई से लागू किया गया था लेकिन ईंट भट्ठा संचालकों की मांग पर 31 अगस्त तक समय सीमा दी गयी है. इसके साथ ही सभी ईंट भट्ठा संचालकों को प्रदूषण बोर्ड का सर्टिफिकेट लेना अतिआवश्यक हो गया तथा विभाग द्वारा ईंट भट्ठा पर प्रयोग होनेवाली मिट्टी के लिए भी विभाग से परमिशन लेने का आदेश जारी किया गया है. इन नियमों के कारण ईंट भट्ठा संचालकों पर व्यापक असर पड़ा, जिसमें कई भट्ठा संचालकों ने अपने ईंट भट्ठाें को बंद कर दिया है.
बोले जिम्मेदार
जिले में आठ माह पूर्व तक 131 ईंट भट्ठाें का संचालन हो रहा था लेकिन अभी 113 ईंट भट्ठाें का संचालन हो रहा है. इस तरह से एक साल के अंदर 18 ईंट भट्ठे बंद हो गये हैं. 24 भट्ठा संचालक ऐसे हैं जो अब तक विभाग में रॉयल्टी टैक्स भी जमा नहीं कर पाये हैं. उनलोगों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है.
मधुसूदन चतुर्वेदी, जिला खनन पदाधिकारी, जहानाबाद
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