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रक्षाबंधन को लेकर बाजार में उमड़ी भीड़, खूब हुई राखी और मिठाई की बिक्री

Updated at : 08 Aug 2025 9:51 PM (IST)
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रक्षाबंधन को लेकर बाजार में उमड़ी भीड़, खूब हुई राखी और मिठाई की बिक्री

भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व आज जिले में धूमधाम से मनाया जायेगा.

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जमुई .

भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व आज जिले में धूमधाम से मनाया जायेगा. इसे लेकर शुक्रवार सुबह से ही बाजारों में रौनक देखने को मिली. राखी की दुकानों और मिठाई के काउंटरों पर भीड़ उमड़ पड़ी. बहनों ने अपने भाइयों के लिए रंग-बिरंगी राखियां और उपहार खरीदे, स्थानीय बाजार में इस बार डिजाइनर राखियों की मांग सबसे अधिक रही. कंगन स्टाइल, मोती जड़ी और कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां बच्चों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रहीं. राखी के साथ-साथ गिफ्ट पैक, चॉकलेट और ड्राई फ्रूट की बिक्री में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई.

मिठाई दुकानों पर भी लगी रही भीड़

रक्षाबंधन को लेकर मिठाई की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लगी रही. रसगुल्ला, गुलाब जामुन और काजू कतली की सबसे ज्यादा डिमांड रही. दुकानदारों का कहना है कि रक्षाबंधन पर बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है. ताजा मिठाई की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दुकानों में रात भर तैयारी की गई. रक्षाबंधन को लेकर जिला मुख्यालय के सभी बाजार में भारी भीड़ नजर आई और इसे लेकर पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही.

सूर्योदय 5:47 से दोपहर 1:30 तक मुहूर्त

रक्षाबंधन का पर्व इस बार 9 अगस्त शनिवार को बड़े धूमधाम से मनाया जायेगा. पंडित शत्रुघ्न झा ने बताया कि यह पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस दिन का शुभ मुहूर्त सूर्योदय के बाद सुबह 5:47 से दोपहर 1:30 बजे तक रहेगा. दिन में राहुकाल सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक रहेगा. इस समय को छोड़कर बाकी समय रक्षा सूत्र बांधने के लिए अत्यंत शुभ माना गया है. पंडित झा ने कहा कि पौराणिक कथा के अनुसार, महाभारत के युद्ध के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के अंगूठे में चोट लगने पर द्रौपदी ने अपनी साड़ी का टुकड़ा फाड़कर उनके घाव पर बांध दिया था. इसके बदले श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा का वचन दिया और चीर हरण के समय उसे निभाया. इसी तरह एक अन्य कथा में लक्ष्मी माता ने भगवान विष्णु को पाताल से मुक्त कराने के लिए राजा बलि को रक्षा सूत्र बांधा था. इससे प्रसन्न होकर राजा बलि ने भगवान विष्णु को मुक्त कर दिया. पंडित झा ने कहा कि इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन की कामना करती हैं. उन्होंने सभी से इस पावन पर्व को प्रेम और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की.

गिद्धौर प्रतिनिधि के

अनुसार

. रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजारों में आजकल राखी खरीदारी की भीड़ बढ़ गयी है. पर्व को लेकर दुकानों पर भाई बहन के प्रेम का प्रतीक इस पर्व को लेकर राखी की दुकानें सज गई हैं. वहीं पर्व को लेकर इस वर्ष परंपरागत कच्चे धागे एवं इस रेशम की डोर के अलावा, बदलते ट्रेंड के अनुसार सोने और चांदी की राखियों की मांग बाजार में बढ़ गयी है. इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व को लेकर बहन अपने भाइयों के लिए ब्रेसलेट वाली राखियां पसंद कर रही हैं. वहीं पर्व में मां दुर्गा ज्वेलर्स, दीपक ज्वेलर्स के संचालक ने बताया कि रक्षाबंधन के लिए विशेष रूप से तैयार ब्रेसलेट स्टाइल से बने सोने की राखी की कीमत 20 से 32 हजार रुपये हैं, इन्हें साल भर कलाई में पहना जा सकता है. वहीं इस बार चांदी की राखी की मांग बाजार में अधिक देखी जा रही है. शहरी क्षेत्र के साथ साथ दूर दराज से आई बहनें भी अपने भाइयों के लिए चांदी की राखी खरीद रही हैं, चांदी की राखियां 1200 से 2500 रुपये तक की कीमत में दुकानों में उपलब्ध हैं.वहीं रक्षा बंधन के अवसर पर भाई अपनी बहनों को गिफ्ट देने की तैयारी में जुटे हुए हैं, रक्षाबंधन पर्व की परंपरा के अनुसार, बहन भाई का मुंह मीठा कराने को लेकर डिब्बाबंद मिठाइयों में रसगुल्ले की मांग सबसे अधिक है, वहीं चॉकलेट विक्रेता के अनुसार, केडबरी, नेस्ले, अमूल, जैसी ब्रांडेड चॉकलेट की बिक्री बढ़ गयी है. ये चॉकलेट 10-20 रुपये से लेकर 100 से 500 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANKAJ KUMAR SINGH

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By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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