मजदूरों के बिना राष्ट्र निर्माण अधूरा : कुमार सुदर्शन सिंह

श्रमिक किसी भी राष्ट्र की प्रगति के आधार स्तंभ व प्रेरणा के जीवंत प्रतीक होते हैं. मजदूरों के बिना राष्ट्र निर्माण पूरा नहीं हो सकता है.
जमुई. श्रमिक किसी भी राष्ट्र की प्रगति के आधार स्तंभ व प्रेरणा के जीवंत प्रतीक होते हैं. मजदूरों के बिना राष्ट्र निर्माण पूरा नहीं हो सकता है. उक्त बातें मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में झाझा प्रखंड के ककनचोर पंचायत स्थित मघी महादलित बस्ती में मजदूरों को अंगवस्त्र व मिठाई वितरित करते हुए युवा समाजसेवी कुमार सुदर्शन सिंह ने कही. उन्होंने कहा कि मजदूर हमारे देश की रीढ़ हैं. इनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है. उन्होंने मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि समाज के निर्माण में मजदूरों और किसानों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है. अगर इनके अधिकारों, स्वास्थ्य, सम्मान की अनदेखी की जाती है तो यह हितकर नहीं हो सकता है. मौके पर ग्रामीण रविन्द्र रविदास, मनोज मांझी, रंजीत रविदास, सुरेंद्र रविदास, किस्टो मांझी, ललन पासवान, अनिल कुमार, लालिया देवी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे.
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