सरकारी दावों की खुली पोल, पूर्णाडीह विद्यालय में गंदगी, अधूरी बाउंड्री और जर्जर शौचालय के बीच पढ़ने को मजबूर 173 बच्चे

Updated:
विज्ञापन
फोटो1  स्कूल के बरामदे में लगे चापाकल से पानी भरते बच्चा.  फोटो2    यूएमएस पूर्णाडीह विद्यालय का मुख्य भवन. | Prabhat Khabar Network

स्कूल के बरामदे में लगे चापाकल से पानी भरते बालक

बरहट के उत्क्रमित मध्य विद्यालय मकतब पूर्णाडीह में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है. सात शिक्षकों की तैनाती के बावजूद पांच ही उपस्थित मिले. परिसर में गंदगी, अधूरी बाउंड्री और जर्जर शौचालय बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं.

विज्ञापन

School Reality: बरहट (जमुई). बरहट प्रखंड की लखैय पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय मकतब पूर्णाडीह में शिक्षा व्यवस्था बदहाली का शिकार है. विद्यालय में सात शिक्षकों की तैनाती के बावजूद निरीक्षण के दौरान केवल पांच शिक्षक ही उपस्थित मिले. वहीं आधारभूत सुविधाओं की कमी और परिसर की गंदगी बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.

सात में से पांच शिक्षक मिले उपस्थित

रविवार को विद्यालय के संचालन के दौरान सात स्वीकृत शिक्षकों में केवल पांच शिक्षक ही मौजूद मिले. दो शिक्षकों की अनुपस्थिति पर प्रधानाध्यापक मोहम्मद अली अंसारी ने बताया कि एक शिक्षक आवश्यक कार्य से बाहर गए हैं, जबकि एक शिक्षिका अवकाश पर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने पर इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए.

कक्षाओं में बिखरा मिला मिड-डे मील का सामान

विद्यालय की कक्षा चार और पांच में मिड-डे मील के बर्तन, खाद्यान्न सामग्री और कूड़ा-कचरा बिखरा मिला. बच्चों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के बजाय गंदगी के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है. विद्यालय परिसर में खुलेआम बकरियां चरती भी देखी गईं, जिससे परिसर की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

अधूरी बाउंड्री और जर्जर शौचालय से बढ़ी परेशानी

विद्यालय की बाउंड्री वॉल पिछले दो वर्षों से अधूरी पड़ी है. इसके कारण मवेशी और बकरियां आसानी से परिसर में प्रवेश कर जाते हैं. वहीं नया शौचालय अब तक अधूरा है और पुराना शौचालय जर्जर हो चुका है. मजबूरी में बच्चे उसी शौचालय का उपयोग कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरा बना हुआ है.

बरामदे में चापाकल से हर समय बनी रहती है फिसलन

विद्यालय के मुख्य बरामदे में लगे चापाकल के कारण वहां हमेशा पानी फैला रहता है. इससे बच्चों के फिसलकर घायल होने का खतरा बना रहता है. इसके अलावा विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए वाद्य यंत्र भी बच्चों के उपयोग के बजाय प्रधानाध्यापक कक्ष में रखे मिले, जहां उन पर धूल जमी हुई थी.

प्रधानाध्यापक ने स्वीकार की समस्याएं

School Reality: प्रधानाध्यापक मोहम्मद अली अंसारी ने माना कि बाउंड्री वॉल अधूरी होने के कारण मवेशी विद्यालय परिसर में प्रवेश कर जाते हैं. उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए संबंधित एजेंसी को कई बार पत्राचार और मौखिक अनुरोध किया गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन