जामताड़ा हादसा: मैट्रिक परीक्षा देकर बहनोई के पास घूमने जा रहा था बिहार का सिकंदर, ट्रेन से कटकर गयी जान

Updated at : 01 Mar 2024 8:59 AM (IST)
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जामताड़ा हादसा: मैट्रिक परीक्षा देकर बहनोई के पास घूमने जा रहा था बिहार का सिकंदर, ट्रेन से कटकर गयी जान

झारखंड के जामताड़ा में ट्रेन से कटकर जान गंवाने वालों में बिहार के जमुई का एक युवक भी शामिल है.

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झारखंड के जामताड़ा-विद्यासागर रेलखंड के कालझरिया स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से दो यात्रियों की मौत हो गयी. मृतक में एक युवक की पहचान बिहार के जमुई निवासी सिकंदर कुमार के रूप में हुई है जो मैट्रिक परीक्षा संपन्न होने के बाद अपने बहनोई के पास बेंगलुरू जा रहा था. जामताड़ा में हुए हादसे का शिकार बनने की खबर सुनते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया.

मृतकों में बिहार के जमुई का सिकंदर भी शामिल..

बुधवार की देर शाम को कालझरिया स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आकर दो लोगों की मौत हो गयी. घटना के बाद शव की पहचान के लिए कोशिश जारी रही. वहीं मृतकों में एक युवक की पहचान बिहार के जमुई जिले के झाझा प्रखंड के धपरी-छापा गांव निवासी अधिकलाल यादव के 15 वर्षीय बेटे सिकंदर कुमार के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार सिकंदर मैट्रिक की परीक्षा देकर अपने बहनोई के पास बेंगलुरु जा रहा था.

मैट्रिक परीक्षा देकर बहनोई के पास घूमने जा रहा था सिकंदर

सिकंदर की ट्रेन से कटकर मौत की सूचना पर पूरा गांव गमगीन हो गया. लोगों ने बताया कि बेंगलुरु में सिकंदर के बहनोई मजदूरी करते हैं. उन्होंने सिकंदर को वहां घूमने बुलाया था. यात्रा में सिकंदर के साथ सफर कर रहे सोनो प्रखंड क्षेत्र के कुआंबाग गांव निवासी युवक लीलो यादव व रंजीत यादव ने बताया कि अंग एक्सप्रेस में कलझारिया गांव के पास आग लगने की अफवाह फैली, इसके बाद ट्रेन रुकते ही सिकंदर बोगी से कूदकर अप लाइन में खड़ा हो गया था. इसी दौरान मेमू ट्रेन के गुजरने से सिकंदर की मौत हो गया.

वेटिंग टिकट लेकर कर रहे थे सफर..

लोगों ने बताया कि सिकंदर अधिकलाल यादव का इकलौता बेटा था और कुछ दिन पहले उसने मैट्रिक की परीक्षा दी थी. उसके पिता मानसिक रूप से बीमार हैं और सिकंदर ही घर का समझदार बेटा था. उसके चार बहनों की शादी हो चुकी है, परिवार की हालत दयनीय ही है.सिकंदर को साथ लेकर जा रहे लीलो यादव, रंजीत ने बताया कि अंग एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी में हम लोग बैठे हुए थे, टिकट वेटिंग में था, इसलिए नीचे ही बैठकर जा रहे थे. गांव के लोग रात में ही सिकंदर के शव को लाने आसनसोल निकल चुके थे.

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ThakurShaktilochan Sandilya

लेखक के बारे में

By ThakurShaktilochan Sandilya

डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.

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