किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 12वें दिन भी जारी

प्रखंड स्थित मौरा बालू घाट से नियम विरुद्ध खनन के खिलाफ किसानों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है.
गिद्धौर. प्रखंड स्थित मौरा बालू घाट से नियम विरुद्ध खनन के खिलाफ किसानों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है. भाकपा (माले) नेता बाबू साहब सिंह के नेतृत्व में दर्जन भर गांवों के सैकड़ों किसान बीते 12 दिनों से दिन-रात अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. बावजूद इसके अब तक जिला प्रशासन की ओर से धरनार्थियों से कोई वार्ता नहीं की गई है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है. धरनास्थल पर मौजूद किसानों का आरोप है कि रात्रि के समय खनन पूरी तरह बंद रहने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद रात भर धड़ल्ले से बालू का अवैध उत्खनन किया जा रहा है. भाकपा (माले) नेता बाबू साहब सिंह ने कहा कि मौरा बालू घाट की बंदोबस्ती वर्ष 2017 की नियमावली के तहत ई-बिडिंग के माध्यम से की गयी थी. विभाग से स्वीकृत खनन योजना के आलोक में पर्यावरणीय स्वीकृति व 5 अप्रैल 2018 को बालू उठाव की अनुमति दी गई थी. हालांकि, मौरा, बंधोरा, निजुआरा, धोबघट, प्रधानचक सहित आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने उस समय लिखित शिकायत देकर आशंका जताई थी कि बालू उठाव से हमारे सिंचाई नालियों का रिचार्ज और इंटेक प्रभावित होगा, जिससे हजारों एकड़ खेतों की सिंचाई बाधित हो जायेगी. किसानों ने कहा कि अवैध खनन के कारण क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है. धरना स्थल पर अशोक सिंह, सचिता रावत, अनिल रावत, कांता प्रसाद, सरवन यादव, सरयु रावत, राम प्रवेश रावत, शैलेंद्र सिंह, सुबोध रावत, मुरारी सिंह, विक्रम यादव, मुकेश रावत सहित दर्जनों किसान मौजूद थे.
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