ePaper

राष्ट्रीय लोक अदालत में 1532 मामलों का निष्पादन, 5.30 करोड़ से अधिक की वसूली

Updated at : 13 Dec 2025 8:55 PM (IST)
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोक अदालत में 1532 मामलों का निष्पादन, 5.30 करोड़ से अधिक की वसूली

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया गया. इस दौरान कुल 1532 मामलों का निष्पादन किया गया, इसमें 6 करोड़ 40 लाख रुपये पर सहमति बनी, जबकि 5 करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक की वसूली की गयी.

विज्ञापन

जमुई. राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया गया. इस दौरान कुल 1532 मामलों का निष्पादन किया गया, इसमें 6 करोड़ 40 लाख रुपये पर सहमति बनी, जबकि 5 करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक की वसूली की गयी. यह जानकारी डालसा सचिव राकेश रंजन ने दी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सर्वाधिक बैंक लोन रिकवरी से संबंधित मामलों का निबटारा किया गया. बैंक के कुल 9900 मामलों में से 775 मामलों का निष्पादन हुआ. वहीं ट्रैफिक चालान से जुड़े 10 मामलों में से पांच का निबटारा किया गया. बीएसएनएल के 400 मामलों में से मात्र तीन का निष्पादन हो सका, जबकि फाइनेंस कंपनियों के 200 मामलों में एक भी मामला नहीं सुलझ सका. डालसा सचिव ने बताया कि इसके अलावा क्रिमिनल कंपाउंडेबल मामलों के 162 मामलों का निष्पादन किया गया. मोटर दुर्घटना दावा (मैक्ट) के चार मामलों में से दो का निबटारा हुआ. बिजली बिल से जुड़े 350 मामलों में से 298 मामलों का समाधान किया गया. माइनिंग से संबंधित 200 मामलों में से 39, ग्राम कचहरी के 185 मामलों में से 177 तथा माप-तौल से जुड़े 125 मामलों में से 31 मामलों का निष्पादन किया गया. इससे पूर्व शनिवार की सुबह 10 बजे राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन डालसा अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप सिंह, डालसा सचिव राकेश रंजन, जिलाधिकारी श्री नवीन एवं पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने संयुक्त रूप से किया. उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान जिला जज संदीप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत एक ऐसी व्यवस्था है, जहां बिना किसी खर्च के न्याय प्राप्त किया जा सकता है. इसमें किसी पक्ष की हार या जीत नहीं होती, बल्कि आपसी सहमति के आधार पर मामलों का समाधान किया जाता है. उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की. वहीं जिलाधिकारी श्री नवीन ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत त्वरित न्याय की सशक्त व्यवस्था है. खासकर बैंक से जुड़े मामलों में न्यूनतम राशि का भुगतान कर कर्ज के दायरे से बाहर निकलने का अवसर मिलता है, जिससे लोग जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभा सकते हैं. कार्यक्रम को पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल एवं डालसा सचिव राकेश रंजन ने भी संबोधित किया और आमजन से राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाकर अपने मामलों का त्वरित एवं संतोषजनक समाधान प्राप्त करने का आह्वान किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
PANKAJ KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन