सरौन/चकाई : बिहार-झारखंड सीमावर्ती क्षेत्र में सोमवार सुबह हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ के बाद जमुई जिला के जंगली क्षेत्र में पुलिस छापेमारी अभियान चला रही है. इस बाबत एसपी जे रेड्डी ने बताया कि झारखंड पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ भेलवाघाटी क्षेत्र में हुई है. जो जमुई जिला के चकाई थाना क्षेत्र से सटा हुआ इलाका है. सीमावर्ती इलाकों में हुई मुठभेड़ के बाद जमुई पुलिस अपने इलाका में सर्च ऑपरेशन चला रही है ताकि नक्सली जमुई की सीमा में प्रवेश न कर पाएं. उन्होंने बताया कि जिले के सभी थाना को अलर्ट मोड पर रखा गया था.
जमुई जिला के सीआरपीएफ, एसटीएफ द्वारा अपने इलाकों में विशेष चौकसी बरतने का निर्देश दिया गया था. सर्च ऑपरेशन में चकाई, बटिया, महेश्वरी, खैरा के सीआरपीएफ जवान शामिल हैं. जानकारी के अनुसार सोमवार अहले सुबह सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में तीन नक्सली को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है. जबकि एक 07 बटालियन का सीआरपीएफ जवान शहीद हो गया. इस दौरान झारखंड पुलिस नक्सलियों की एक ग्लैमर बाइक भी बरामद किया गया है.
मुठभेड़ स्थल से एक एके 47, चार पाइप बम भी बरामद किया गया है. बताया जा रहा है एनकाउंटर सुबह सात बजे उस वक्त हुआ जब पुलिस को सूचना मिली की नक्सली लोकसभा चुनाव के दौरान किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जंगल में जुटे हुए है. सूचना के बाद सीआरपीएफ भेलवाघाटी जंगल में सर्च अभियान चला रही थी कि इसी बीच नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी. दोनों और से हुई फायरिंग में तीन नक्सली ढेर हो गये, जबकि एक सीआरपीएफ जवान शहीद हो गया. पुलिस ने तीनों नक्सलियों के शव को जंगल से बरामद कर लिया है.
पुलिस नक्सली मुठभेड़ से ग्रामीणों में भय का माहौल
चकाई. सोमवार को भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के भतुआकुरा पहाड़ी पर पुलिस नक्सली मुठभेड़ की घटना के बाद आसपास के गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है व ग्रामीणों में काफी डर देखा जा रहा है.
इस घटना के बाद आसपास गांव के ग्रामीणों में किसी अनहोनी के भय से अपने-अपने घरों में दुबके पड़े हैं, काफी पूछने पर एवं सुरक्षा का भरोसा देने पर भी कोई भी ग्रामीण इस घटना के बारे में कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं, दबे छुपे शब्दों में कुछ ग्रामीणों ने बताया कि हम लोगों ने सुबह गोली चलने की आवाज सुनी है. मगर आगे क्या हुआ था, किसके बीच गोली चली कौन मरा यह हम लोग नहीं जानते हैं. वहीं उन्होंने बताया कि वे लोग असुरक्षित माहौल में रहते है, कभी भी उनके साथ कोई भी अनहोनी होने की आशंका बनी रहती है.
मारे गये तीन नक्सलियों में से एक के चरकापत्थर थाना क्षेत्र के होने की आशंका
सुरक्षाबलों ने लगाया कयास, एक मृतक नक्सली का चेहरा रजौन पंचायत के तेतरिया निवासी संजय उर्फ विजय मरांडी की तरह
शिनाख्त को लेकर पुलिस संजय के घरवालों से कर रही है संपर्क
सोनो. झारखंड के गिरिडीह व बिहार के जमुई जिला के सीमा के समीप भेलवाघाटी क्षेत्र के गुनिया टांड़ में सोमवार के सुबह नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने जिन तीन नक्सलियों को मार गिराया. उनकी पहचान को लेकर पुलिस व सुरक्षाबलों द्वारा प्रयास तेज कर दिया गया है.
सुरक्षाबलों ने कयास लगाया है कि मारे गये तीन नक्सलियों में से एक चरकापत्थर थाना क्षेत्र के रजौन पंचायत अंतर्गत तेतरिया गांव निवासी संजय उर्फ विजय मरांडी हो सकता है. 25 वर्षीय नक्सली युवा संजय उर्फ विजय मरांडी तेतरिया निवासी लखन मरांडी का पुत्र है, जो लगभग एक दशक से नक्सल संगठन से जुड़ा हुआ था और नक्सल गतिविधि को अंजाम देने में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा था.
सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षाबलों के अधिकारी संजय के शव की शिनाख्त उसके पूर्व के तस्वीर से कर चुके हैं. इसके अलावे तेतरिया गांव के कई युवक से भी शव की तस्वीर को दिखा कर शिनाख्त कराने का प्रयास किया है.
अब उसके परिजनों से शिनाख्त किये जाने को लेकर प्रयास किया जा रहा है. बताया जाता है कि विजय मरांडी का ससुराल मुठभेड़ स्थल के इर्द गिर्द ही बरमोरिया पंचायत के एक गांव में है. जहां उसकी पत्नी एकमात्र पुत्र के साथ रह रही है. हालांकि मारे गये नक्सलियों में से किसी की भी पहचान को लेकर पुलिस द्वारा कोई आधिकारिक घोषणा या पुष्टि नहीं की गयी है.
काफी कम उम्र में संगठन में शामिल हुआ था नक्सली संजय उर्फ विजय मरांडी
सोनो. भेलवघाटी के गोनियाटांड़ में मारे गये नक्सलियों में से जिस एक नक्सली के शव को संजय उर्फ विजय मरांडी बताया जा रहा है. वह चरकापत्थर थाना क्षेत्र के रजौन पंचायत अंतर्गत अतिनक्सल प्रभावित गांव तेतरिया का निवासी था. तेतरिया उसी नवाआहर गांव के समीप है. जहां का निवासी शातिर नक्सली सुरंग यादव ने आत्मसमर्पण किया था.
तेतरिया गांव के कई युवक काफी वर्ष पूर्व नक्सलियों के साथ जुड़े थे. बताया जाता है कि इसी गांव का निवासी लखन मरांडी का पुत्र संजय उर्फ विजय महज 16 वर्ष की आयु में 2010 में नक्सल संगठन में शामिल हो गया था. लंबे समय तक नक्सल संगठन में रहते हुए हाल के कुछ वर्षों में सिद्धू कोड़ा के दस्ते का खास हो गया था. बताया जाता है कि चरकापत्थर इलाके के होने के बावजूद वह ज्यादातर गिरिडीह के इलाके व चकाई के सीमावर्ती इलाके में नक्सली घटनाओं में सक्रिय भूमिका निभाता था. कम उम्र व गठीला शरीर होने के कारण वह दस्ते का खास लड़ाकू था.
जिप सदस्य रामलखन मुर्मू का छोटा भाई था मणिकांत
सरौन . सोमवार की सुबह बिहार-झारखंड बॉर्डर के समीप भेलवाघाटी थाना क्षेत्र गुनियाँथर जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए थे. इसमें एक चकाई भाग संख्या-1 के जिप सदस्य रामलखन मुर्मू का छोटा भाई मणिकांत मुर्मू था. बताया जाता है की मणिकांत चकाई थाना क्षेत्र के पोझा पंचायत के बेहरा गांव निवासी था.
जिला परिषद सदस्य रामलखन तीन भाई है. इसमे रामलखन दूसरे व माया गया भाई तीसरे नंबर पर था. वहीं जिप सदस्य रामलखन मुर्मू ने कहा की हमारा भाई कभी नक्सली संगठन में नहीं रहा है. वह अपने गांव बेहरा में राशन की दुकान चलाया करता था. वह रविवार की रात आर्केस्ट्रा देखने गया हुआ था.
वहीं झाझा डीएसपी भास्कर रंजन ने बताया कि सीआरपीएफ व नक्सलियों की मुठभेड़ झारखंड क्षेत्र में हुई है, जिसमें तीन नक्सली को सीआरपीएफ ने मार गिराया है. वही एक सीआरपीएफ जवान भी शहीद हो गये हैं. अभी तक नक्सलियों की पहचान कोई जानकारी हमलोगों को नहीं है. 4 बजे सुरक्षाबल इलाके में सर्च अभियान के लिए निकले. नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी फायरिंग की. इसमें तीन नक्सली ढेर हो गये.