न जला अलाव और न बंटा कंबल, ठंड ने रिक्शा-ठेला चालकों की बढ़ायी चिंता
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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शाम ढलते ही बढ़ने लगती है मुश्किलें रोजगार पर पड़ रहा बुरा असर जमुई : ठंड को लेकर रिक्शा-ठेला चालकों की परेशानियां बढ़ गयी है. फिलहाल दिन में स्थिति सामान्य होने के कारण सबकुछ ठीकठाक चल रहा है. वहीं जैसे-जैसे शाम ढलती है, उनलोगों को ठंड की चिंता सताने लगती है. रिक्शा-ठेला चालकों ने कहा […]
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शाम ढलते ही बढ़ने लगती है मुश्किलें
रोजगार पर पड़ रहा
बुरा असर
जमुई : ठंड को लेकर रिक्शा-ठेला चालकों की परेशानियां बढ़ गयी है. फिलहाल दिन में स्थिति सामान्य होने के कारण सबकुछ ठीकठाक चल रहा है. वहीं जैसे-जैसे शाम ढलती है, उनलोगों को ठंड की चिंता सताने लगती है. रिक्शा-ठेला चालकों ने कहा कि लगातार ठंड में वृद्धि हो रही है. हमलोग रोजी रोटी को लेकर दिनभर भटकते हैं. शाम होते ही हम अपनी रुख घर की ओर कर लेते हैं. सुबह में भी हमलोग दिन चढ़ने के बाद ही घर से निकल पाते हैं. चालकों ने बताया कि ठंड के कारण परिवार को भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है. जिला प्रशासन द्वारा इस ठंड में भी अलाव और कंबल की व्यवस्था नहीं किये जाने से रोजी रोजगार पर बुरा असर पड़ रहा है. ठंड के प्रकोप से रिक्शा का परिचालन बंद कर देना पड़ता है. हमलोगों को बहुत कठिनाई होती है.
दिन भर की मजूरी से पेट चलता है, कंबल कहां से खरीद कर ओढ़ूं
तंगहाली से हमलोग कंबल खरीद कर भी नहीं ओढ़ पाते हैं. रिक्शा चालक मो मुस्लिम,चालक राजो पंडित, राजेंद्र कुमार, मदन तांती, कैलाश राम, कैलू राम सहित कई लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से ठंड का प्रकोप काफी बढ़ गया है. शहर में अभी तक जिला प्रशासन के द्वारा कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है और न ही कंबल का वितरण किया गया है. जिसके कारण ठंड के इस मौसम में ठिठुर कर रात बितानी पड़ रही है. चौक-चौराहा पर अलाव की व्यवस्था रहने पर देर शाम तक हमलोग बाजार में रहकर रिक्शा चला लेते थे. वहीं इसकी कोई व्यवस्था नहीं होने से शाम होते ही रिक्शा लेकर घर जाना पड़ता है. जो हमलोगों के लिए परेशानी का सबब बनता चला जा रहा है. क्या करें हमारे परिवार के लोगों का भरण पोषण इसी से होता है. मजबूरी में ही जोर-जबरन कर बाजार में निकलना पड़ता है. चौक-चौराहा पर अलाव की व्यवस्था होने पर हमलोग यदा-कदा आग के पास बैठ कर अपना हाथ और बदन गर्म कर रिक्शा चलाते थे. लेकिन अब काफी दिक्कत हो रही है. हम गरीबों को लेकर प्रशासन भी उदासीन बना हुआ है. इस मौसम में कम देर तक काम करने के कारण हमारे परिवार के समक्ष बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो गयी है.
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