बिहार में बिजली नुकसान रोकने के लिए सुधार लाने का निर्देश, कंपनियों को 100% कलेक्शन दक्षता का दिया गया लक्ष्य

Updated at : 31 Mar 2023 2:18 AM (IST)
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बिहार में बिजली नुकसान रोकने के लिए सुधार लाने का निर्देश, कंपनियों को 100% कलेक्शन दक्षता का दिया गया लक्ष्य

कंपनियों को बिजली का नुकसान सिर्फ ग्रिड, ट्रांसमिशन या डिस्ट्रीब्यूशन में ही नहीं हो रहा. कलेक्शन और बिलिंग एफिशियंसी में कमी होने की वजह से राजस्व पर बड़ा असर पड़ रहा है. कंपनी ने इसमें सुधार लाते हुए 2023-24 में बिलिंग एफिशियंसी 81 फीसदी और कलेक्शन एफिशियंसी 95 फीसदी करने की बात कही थी

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बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने राज्य की दोनों बिजली आपूर्ति कंपनियों साउथ बिहार और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन को अपने राजस्व में बढ़ोतरी के लिए बिजली क्षति में सुधार लाने का निर्देश दिया है. आयोग ने 2023-24 और 2024-25 के लिए औसत बिजली क्षति 15 फीसदी निर्धारित करते हुए आपूर्ति कंपनियों को अपनी कलेक्शन एफिशियंसी 100 फीसदी करने का लक्ष्य दिया है. औसत 15 फीसदी से अधिक बिजली क्षति का असर आगामी वर्षों के बिजली दर पर नहीं डाला जायेगा.

कंपनियों ने औसत 22 फीसदी बिजली नुकसान की मांगी थी अनुमति

बिजली कंपनियों ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में औसत बिजली क्षति 27 फीसदी होने का अनुमान लगाते हुए विनियामक आयोग से 2023-24 के लिए औसत बिजली क्षति 22 फीसदी, जबकि 2024-25 के लिए 20 फीसदी निर्धारित करने का अनुरोध किया था, लेकिन आयोग ने उनकी मांग को अस्वीकार करते हुए अगले दोनों वर्षों के लिए औसत बिजली नुकसान 15 फीसदी को ही मान्य किया है. वर्तमान में साउथ बिहार की 33 फीसदी, जबकि नॉर्थ बिहार की 22 फीसदी बिजली का औसत नुकसान हो रहा है. यानी आपूर्ति की गयी कुल बिजली में 27 फीसदी का राजस्व नहीं मिल पा रहा.

81 फीसदी उपभोक्ताओं की ही बिलिंग, 95 फीसदी से वसूली

कंपनियों को बिजली का नुकसान सिर्फ ग्रिड, ट्रांसमिशन या डिस्ट्रीब्यूशन में ही नहीं हो रहा. कलेक्शन और बिलिंग एफिशियंसी में कमी होने की वजह से राजस्व पर बड़ा असर पड़ रहा है. कंपनी ने इसमें सुधार लाते हुए 2023-24 में बिलिंग एफिशियंसी 81 फीसदी और कलेक्शन एफिशियंसी 95 फीसदी करने की बात कही थी, लेकिन आयोग ने कंपनियों को बिलिंग एफिशियंसी भी 100 फीसदी करने का निर्देश दिया है. मालूम हो कि कंपनियां आपूर्ति की जाने वाली कुल बिजली के 19 फीसदी की बिलिंग ही नहीं कर पा रहीं, जबकि बिलिंग किये गये कुल उपभोक्ताओं में पांच फीसदी से बिल की वसूली भी नहीं कर पा रहीं.

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