बिहार में नौकरी मांगने वालों में 13659 लोग निरक्षर, श्रम संसाधन विभाग के आंकड़ों से हुआ खुलासा

Updated at : 20 Apr 2023 4:11 AM (IST)
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झारखंड मेधा छात्रवृत्ति योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू

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श्रम संसाधन या सरकार के अन्य अन्य विभागों व गैर सरकारी कंपनियों की ओर से समय-समय पर जॉब फेयर या रोजगार मेले का आयोजन किया जाता है. इसमें शर्त होती है कि बेरोजगारों का एनसीएस पोर्टल पर निबंधन कराना अनिवार्य है.

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पटना. श्रम संसाधन विभाग के मुताबिक पोर्टल शुरू होने से लेकर अब तक बिहार में नौ लाख 23 हजार 227 बेरोजगारों ने निबंधन कराया है. इनमें छह लाख 92 हजार 701 पुरुष, तो दो लाख 29 हजार 538 महिलाएं हैं. साथ ही 150 किन्नर (ट्रांसजेंडर) शामिल हैं. विभाग ने पोर्टल पर निबंधन कराने को लेकर राज्य में प्रचार-प्रसार करने के लिए सभी अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किया है और इस मामले में विभागीय स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी जिलों में की गयी है, ताकि पोर्टल पर अधिक- से- अधिक बेरोजगार निबंधन करा सकें. विभागीय आंकड़ों के मुताबिक राज्य में रोजगार मांगने वाले में पढ़े-लिखे बेरोजगार ही नहीं निरक्षर भी शामिल हैं.

हर उम्र के लोग मांग रहे हैं रोजगार

विभाग के मुताबिक 18 वर्ष तक के उम्र वाले 19 हजार 140 बेरोजगारों ने रोजगार मांगा है.18 से 24 साल के तीन लाख 17 हजार 004 लोगों ने निबंधन कराया है. सबसे अधिक 25 से 34 साल के लोगों ने निबंधन कराया है. इनकी संख्या चार लाख 75 हजार 441 है. 35 से 44 वर्ष के 86 हजार 817 , तो 45 से 54 वर्ष के 20 हजार 840 लोगों ने निबंधन कराया है, जबकि 55 से 64 वर्ष के 3472 बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया है. काम करने की उम्र बीत जाने के बावजूद 492 वरीय नागरिकों ने भी सरकार से रोजगार की मांग के लिए अपना निबंधन कराया है. मात्र 21 ऐसे लोग हैं , जिन्होंने अपने उम्र का ब्योरा नहीं दिया है.

13 हजार 659 लोग कभी स्कूल ही नहीं गये

नौकरी मांगने वालों में साक्षर-निरक्षर सभी शामिल हैं. 13 हजार 659 ऐसे लोगों ने पंजीकरण कराया है जो कभी भी स्कूल तक नहीं गये.नौवीं पास 23 हजार 646, दसवीं पास दो लाख 15 हजार 611, 11वीं पास 3203, बारहवीं पास तीन लाख 63 हजार 425, दसवीं के बाद डिप्लोमाधारी 11 हजार 854, स्नातक उत्तीर्ण दो लाख पांच हजार 763 और पीजी उत्तीर्ण 29 हजार 23 हैं, जबकि 1558 ने अपनी योग्यता का ब्योरा नहीं दिया है. रोजगार मांगने वालों में छह लाख 67 हजार 831 बेरोजगार हैं. 67 रोजगार कर रहे लोगों ने फिर से रोजगार मांगे हैं. 24 हजार 27 स्व-रोजगार कर रहे हैं, जबकि एक लाख 72 हजार 201 लोगों ने अपने रोजगार के बारे में स्पष्ट उल्लेख नहीं किया है.

क्यों जरूरी है निबंधन

श्रम संसाधन या सरकार के अन्य अन्य विभागों व गैर सरकारी कंपनियों की ओर से समय-समय पर जॉब फेयर या रोजगार मेले का आयोजन किया जाता है. इसमें शर्त होती है कि बेरोजगारों का एनसीएस पोर्टल पर निबंधन कराना अनिवार्य है. इसलिए साल-दर-साल पोर्टल पर निबंधन कराने वाले बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है.

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आंकड़ा

  • साल : निबंधन : रोजगार मिलने वालों की संख्या

  • 2019-20 : 118746 : 16550

  • 2020-21 : 66066 : 6400

  • 2021-22 : 91535 : 5773

  • 2022-23 : 285965 : 57334

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