ePaper

Hindi Film: बिहार में कैसे बनेगी फिल्म? 32 डीएम ने नहीं बताया स्पॉट, सिर्फ इन जिलों ने सौंपी है सूची

Updated at : 16 May 2025 4:12 PM (IST)
विज्ञापन
File Photo

File Photo

Hindi Film: बिहार में फिल्मों की शूटिंग के लिए 32 जिलों से उपयुक्त स्थलों की सूची नहीं दी जा रही है. इसको लेकर कला संस्कृति एवं युवा विभाग की तरफ से नाराजगी जतायी गई है. अब तक राज्य के सिर्फ 6 जिलों ने ही लिस्ट सौंपी है.

विज्ञापन

Hindi Film: बिहार में फिल्मों की शूटिंग के लिए उपयुक्त स्थलों की खोज में प्रशासन की तरफ से कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है. बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत राज्य में फिल्म निर्माण और शूटिंग करने की स्थिति में करों में छूट के साथ अनुदान का भी प्रावधान है, लेकिन जिलों की तरफ से शूटिंग के लिए उपयुक्त स्थलों की सूची नहीं जा रही है. कला संस्कृति एवं युवा विभाग ने इसको लेकर नाराजगी जताई है. विभाग का कहना है कि तमाम प्रयासों के बावजूद अब तक छह जिलों ने ही अपने यहां के उपयुक्त स्थलों की सूची विभाग सौंपी है.

बिहार में फिल्मों को बढ़ावा देने की कवायद

बता दें कि राज्य सरकार की तरफ से बिहार में फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए यह कवायद की जा रही है. इसके लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड व फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए उपयुक्त स्थलों की सूची देनी है. इसके बाद उन स्थलों पर शूटिंग के लिए आवश्यक सुविधाएं व सुरक्षा भी मुहैया करानी है. इससे पहले कला संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने पिछले मार्च में ही सभी जिलाधिकारियों से सूची देने को कहा था.

सिर्फ 6 जिलों ने सौंपी सूची

अब तक खगड़िया, जहानाबाद, गया, बांका, औरंगाबाद व शेखपुरा ने ही अपने अपने जिले में उपलब्ध लोकेशन की जानकारी सौंपी है. राज्य सरकार के निर्देश पर विभाग की निदेशक रूबी ने सभी जिलों को शूटिंग के लिए संभावित स्थलों की सूची जल्द देने का निर्देश दिया है.  

32 जिलों ने नहीं दी संभावित स्थलों की लिस्ट

ज्ञात हो कि 32 जिलों ने शूटिंग के लिए संभावित स्थलों की सूची नहीं दी है. जिले में कई धार्मिक, साहित्यिक, शैक्षणिक, और पुरातात्विक स्थल हैं, जो शूटिंग के लिहाज से उपयुक्त हैं. यदि इन स्थलों की सूची भेजी जाएगी तो वहां आधारभूत संरचना का विकास हो सकेगा. इससे सरकार को राजस्व की भी प्राप्ति होगी. बता दें कि अलग-अलग राज्यों में सरकार क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए काम करते रही है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

देनी होगी स्थलों की विस्तृत जानकारी

विभाग का कहना है कि सबसे पहले स्थल का जिक्र होना चाहिए. उसके बाद स्थल की ऐतिहासिकता, धार्मिक स्थल, प्राकृतिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान, बाजार या व्यावसायिक क्षेत्र, पुरातात्विक स्थल के संबंध में जानकारी होनी चाहिए. साथ ही उस स्थल से नजदीकी रेलवे स्टेशन, रेलवे स्टेशन से दूरी, नजदीकी हवाई अड्डा, स्थल के उपयोग के लिए निर्धारित शुल्क और स्थान के स्वामित्व की भी जानकारी देनी होगी.

इसे भी पढ़ें: Turkey Azerbaijan Boycott: आतंक के समर्थकों को…तुर्किए और अजरबैजान पर शाहनवाज हुसैन का बड़ा बयान

विज्ञापन
Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन