गोरौल. हिन्दुओं का महान पर्व दीपावली का धार्मिक महत्व के साथ साथ पौराणिक महत्व भी है. दीपावली में लोग अपने घरों के साथ अपने प्रतिष्ठानों का भी साफ सफाई करते है. मान्यता है कि साफ घरों में ही दीपावली को लक्ष्मी आती हैं, जिससे गरीबी दूर भाग जाती है. इसी मान्यता के अनुसार लोग अपने घरों को काफी सजाकर दीवाली के दिन रखते है जिसे देख मां लक्ष्मी घर वालों को धन प्रदान करती है. आचार्य राजेश कुमार झा ने बताया कि कार्तिक अमावस्या के दिन माता लक्ष्मी समुद्र मंथन के दौरान प्रकट हुई थी. इनके पूजा अर्चना करने से मनुष्य के सरे कार्य सिद्ध हो जाते है. मां लक्ष्मी उसी घर में विराजती हैं, जिस घर के लोग सदविचार का पालन करते है. किसी को भी कष्ट नहीं देते, किसी से झगड़ा नहीं करते. मां लक्ष्मी को महालक्ष्मी, राज लक्ष्मी, गृह लक्ष्मी सहित अन्य नामों से भी जाना जाता है. इन्होंने बताया कि भगवान श्री गणेश बुद्धि के देवता है और मां लक्ष्मी धन की देवी है. इसके साथ ही सर्व विदित है कि बिना बुद्धि के धन व्यर्थ ही माना जाता है. इसलिए लोग धन प्राप्ति के लिए मां लक्ष्मी एवं बुद्धि प्राप्ति के लिए श्री गणेश की पूजा करते है. दीवाली के दिन व्यापारी लोग मां लक्ष्मी व् श्री गणेश की पूजा अर्चना कर धन एवं बुद्धि दोनों प्राप्त करते है. वहीं आचार्य डा राजीव नयन झा बताते है कि लोगों की मान्यता के अनुसार भगवान श्री गणेश को शुभ का प्रतीक माना जाता है यानि शुभ फल देने वाला देवता. वही श्री लक्ष्मी जी को लाभ का प्रतीक माना जाता है. इसलिए कारोबारी लोग शुभ-लाभ लिखकर उसकी पूजा अर्चना करते है. साथ ही दीपावली भारतीय संस्कृति से जुड़ा हुआ पर्व है.
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