ममता बनर्जी एजेंसियों की जांच में कहीं भी पहुंच जाती हैं, सुप्रीम कोर्ट में ईडी ने कही बड़ी बात

Author Govind jee
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सुप्रीम कोर्ट ईडी की एक याचिका पर गुरुवार को सुनवाई कर रहा था. इसमें पिछले हफ्ते कोलकाता में टीएमसी के लिए राजनीतिक सलाह देने वाली आई-पैक कंपनी पर हुई छापेमारी का जिक्र था. जानें कोर्ट ने क्या कहा और किस बात पर नाराजगी जाहिर की.

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का रवैया हैरान करने वाला रहा है. वह एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान जांच वाले परिसरों में पहुंच जाती हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में यह बातें कहीं. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने आई-पैक छापेमारी मामले की सुनवाई के दौरान पिछले शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में हुई अफरातफरी पर नाराजगी जताई. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यह घटना एक बेहद चौंकाने वाले चलन की ओर इशारा करती है.

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री मौके पर पहुंचीं और दखल दिया

ईडी की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच से कहा कि जब-जब किसी वैधानिक एजेंसी ने कानून के तहत कार्रवाई की, मुख्यमंत्री खुद मौके पर पहुंचीं और दखल दिया. उन्होंने कहा कि इससे गलत उदाहरण बनेगा और केंद्रीय एजेंसियों का मनोबल गिरेगा.

मेहता ने कहा कि अगर ऐसा चलता रहा तो राज्यों को लगेगा कि वे जांच में दखल दे सकते हैं और बाद में धरने पर बैठ सकते हैं. उन्होंने मांग की, कि मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

आई-पैक के दफ्तर और कोलकाता में प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की थी

यह मामला 8 जनवरी का है, जब ईडी ने कोयला तस्करी मामले की जांच में साल्टलेक स्थित आई-पैक के दफ्तर और कोलकाता में उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की थी. ईडी का कहना है कि इस दौरान जांच अधिकारियों को रोकने की कोशिश हुई. ईडी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वहां पहुंचीं और जांच से जुड़े कुछ अहम सबूत अपने साथ ले गईं. 

हालांकि मुख्यमंत्री ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि केंद्रीय एजेंसी ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई की. तृणमूल कांग्रेस ने भी ईडी की जांच में बाधा डालने के आरोपों को खारिज किया है. इस बीच राज्य पुलिस ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ एक एफआईआर भी दर्ज की है.

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