देसरी. उच्च माध्यमिक विद्यालय, जफराबाद में विश्व हिंदी दिवस पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रधानाध्यापक ब्रज मोहन सिंह एवं संचालन रंगकर्मी एवं साहित्यकार डॉ सुधांशु कुमार चक्रवर्ती ने किया. इस अवसर पर डॉ सुधांशु कुमार चक्रवर्ती ने सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की रचना राम की शक्ति पूजा, रवि हुआ अस्त, ज्योति के पत्र पर लिखा अमर रह गया, राम- रावण का अपराजेय समर. शिक्षक रोशन कुमार ने बाबा नागार्जुन की रचना कालिदास, सच-सच बतलाना, इंदुमती के मृत्युशोक से. शिक्षिका संजू शर्मा ने सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय की रचना हरी बिछली घास, दोलती कलगी छरहरी बाजरे की. राकेश कुमार सहनी ने गजानन माधव मुक्तिबोध की रचना पता नहीं कब कौन कहां किस ओर मिले. मो एखलाक ने रघुवीर सहाय की रचना हिलती हुई मुंडेरें और चटखे हुए है. पुल एवं सुधा कुमारी ने श्रीकांत वर्मा की रचना हवा में झूल रही है एक डाल, कुछ चिड़ियां सुनायी. इस कार्यक्रम में सबिता कुमारी, खुशबू कुमारी, सोनम कुमारी, रोहन सिंह, अतुल कुमार मिश्र, अवधेश पंडित, अजीत कुमार, राजेंद्र चौधरी, सत्येंद्र कुमार सिन्हा, मनोज सिंह, विनोद बच्चन एवं मेघनाथ प्रसाद ने भी रचनाएं सुनायीं.
गोरौल.
विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर प्रखंड स्थित आरपीसीजे उच्च माध्यमिक विद्यालय बेलवरघाट में शनिवार को काव्य पाठ का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रभारी प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार शरण ने की. मौके पर छात्र-छात्राओं को बताया गया कि हिंदी हमारे कामकाज की भाषा है. कार्यक्रम का संचालन शिक्षक उमेश कुमार प्रसाद सिंह ने किया. इन्होंने कहा कि हिंदी न सिर्फ एक समृद्ध, सांस्कृतिक और साहित्यिक भाषा है बल्कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की दुनिया में भी तेजी से अपनी जगह बना रही है. कार्यक्रम में नीतू कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि हम सब का अभिमान है हिंदी, भारत देश का शान है हिंदी. मौके पर कुमार चंदन, राकेश कुमार, जयकृष्ण पाठक, पिंटू कुमार, शिवानी, कुमार प्रभाकर और पंकज कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

