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hajipur news. पीएचइडी ने पानी के 32 सौ सैंपल की जांच की

Updated at : 21 Aug 2025 10:18 PM (IST)
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hajipur news. पीएचइडी ने पानी के 32 सौ सैंपल की जांच की

हर घर नल का जल के सफल क्रियान्वयन के बाद बिहार सरकार का लक्ष्य जलापूर्ति योजना का दीर्घकालीन अनुरक्षण है

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हाजीपुर. जिले की हर नल-जल योजना के पानी की गुणवत्ता की नियमित अंतराल पर जांच की जा रही है. हर घर नल का जल के सफल क्रियान्वयन के बाद बिहार सरकार का लक्ष्य जलापूर्ति योजना का दीर्घकालीन अनुरक्षण है. इसके अंतर्गत जल गुणवत्ता, निगरानी महत्वपूर्ण है. इस योजना को अभियान चला कर जल जांच प्रयोगशाला का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है. इस वित्तीय वर्ष में 96 सौ जल जांच का लक्ष्य रखा गया है, जिसमे जुलाई माह तक 32 सौ सेंपल की जांच पूरी कर ली गयी है. सरकार का लक्ष्य भारत मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप शुद्ध पेयजल सभी परिवार को उपलब्ध कराना है. जिले में एक जिला स्तरीय जल जांच प्रयोगशाला एवं दो अवर प्रमंडलीय जल जांच प्रयोगशाला काम कर रही है. अभी तक जिले में सबसे ज्यादा जंदाहा में जल जांच की प्रकिया पूरी किया गया है.

16 मानकों पर जल की होती है जांच

प्रयोगशाला को कुल 16 मानकों पर जल परीक्षण की मान्यता प्राप्त हुई है. इसके तहत नल-जल योजना, हैंडपंप, आरओ एवं घरेलू जल स्रोतों की शुद्धता की सटीक जांच की जाती है. प्रयोगशालाओं में कई मानकों पर जांच होती है जिसमे पीएच स्तर, टीडीएस, कंडक्टिविटी, टर्बिडिटी, टोटल हार्डनेस, कुल क्षारीयता, क्लोराइड, सल्फेट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, फ्लोराइड, आर्सेनिक, नाइट्रेट, मैगनीज एवं कुल बैक्टीरिया की जांच होती है. कोई भी व्यक्ति अपने घर या आसपास के क्षेत्र के पानी का सैंपल किसी साफ डब्बे में भरकर प्रयोगशाला में जमा कर सकता है जो 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट प्रदान कर दी जाएगी, जांच के बाद यह सुनिश्चित होता है कि पीने योग्य पानी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है या नहीं जिसमे स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर न हो. शुद्ध जल पीने से पेट संबंधी बीमारी नहीं होती है एवं शरीर भी तंदुरूस्त रहता है. पानी में अधिक आयरन होने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. 0.3 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक आयरन होने पर पानी का स्वाद एवं रंग बदल जाता है साथ ही बर्तन व कपड़ों पर दाग आ जाती है.

क्या कहते हैं पदाधिकारी

जिले में जल की नियमित जांच की जा रही है. इसके लिए समय-समय जागरूकता अभियान चलाया जाता है. वर्तमान में तीन जल जांच केंद्र है. जिसमे जिला स्तर पर एक एवं दो अवर प्रमंडलीय जल जांच केंद्र काम कर रही है.

मनोज कुमार,

केमिस्ट पीएचइडी, वैशाली

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Shashi Kant Kumar

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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