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बिना हेलमेट के सदर अस्पताल में प्रवेश नहीं

Updated at : 28 Jan 2026 11:06 PM (IST)
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बिना हेलमेट के सदर अस्पताल में प्रवेश नहीं

जिले में पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों में कमी लाने और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए, सदर अस्पतालों परिसर में ‘नो हेलमेट- सीट बेल्ट, नो इंट्री’ व्यवस्था लागू की गयी है. यह पहल आम लोगों को हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सड़क हादसे के दौरान सिर की चोटों को कम करने और यातायात नियमों का पालन करने के उद्देश्य से की गयी है.

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प्रतिनिधि, हाजीपुर जिले में पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों में कमी लाने और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए, सदर अस्पतालों परिसर में ‘नो हेलमेट- सीट बेल्ट, नो इंट्री’ व्यवस्था लागू की गयी है. यह पहल आम लोगों को हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सड़क हादसे के दौरान सिर की चोटों को कम करने और यातायात नियमों का पालन करने के उद्देश्य से की गयी है. मालूम हो कि सदर अस्पताल परिसर से बीते कुछ महीनों बाइक चोरी घटनाएं बढ़ गयी थीं. बाइक चोरी की घटनाओं के रोक थाम के लिए सिविल सर्जन डॉ श्याम नंदन प्रसाद ने बताया कि वाहन चालक सुरक्षा की सोच छोड़कर हेलमेट की अनदेखी करते हैं. हेलमेट न पहनना, बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाना, थोड़ी-सी लापरवाह सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं. अधिकतर सड़क हादसों में मौत सिर की चोट लगने से होती है. सड़क पर वाहन चलाने वाला हर व्यक्ति न सिर्फ अपनी बल्कि दूसरों की जान का भी जिम्मेदार होता है. आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और लगातार बढ़ रहीं सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए बिना हेलमेट के अस्पताल परिसर में रोक लगाया गया है. सड़क पर वाहन चलने वाला हर व्यक्ति न सिर्फ अपनी बल्कि दूसरों की जान का भी जिम्मेदार होता है. वहीं दूसरी ओर सदर अस्पताल में पहुंचने वाले मरीज और उनके परिजनों ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर अस्पतालों परिसर में नो हेलमेट-सीट बेल्ट, नो इंट्री की यह पहल काफी अच्छी लगी. अस्पताल परिसर में निःशुल्क टोकन व्यवस्था लागू सदर अस्पताल में बाइक चोरी की घटनाओं को रोकने के एवं अस्पताल परिसर में अनधिकृत वाहनों के प्रवेश पर रोक के लिए अस्पताल परिसर के मेन गेट और पश्चिम पर बैरियर लगाया गया है, साथ ही निःशुल्क टोकन (कूपन) व्यवस्था शुरू की है. दोनों गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड, मरीज और उनके परिजनों को अपना वाहन अस्पताल परिसर में पार्क करते समय टोकन नंबर दिया जाता है और निकलते समय उसे गेट पर तैनात गार्ड को दिखाने के बाद ही अस्पताल परिसर से बाहर जाने दिया जा रहा है. अस्पताल परिसर में इस व्यवस्था के बाद बाइक चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने के साथ-साथ अस्पताल पहुंचने वाले मरीज और उनके परिजन अपनी वाहन को लेकर काफी निश्चिंत दिख रहे हैं.

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DEEPAK MISHRA

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DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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